हैदराबाद, 28 जनवरी (आईएएनएस)। शोध छात्र रोहित वेमुला की खुदकुशी के विरोध में हैदराबाद विश्वविद्यालय के तीन संकाय सदस्यों ने गुरुवार को विश्वविद्यालय में अनशन की शुरुआत की, जबकि विद्यार्थियों ने अपना विरोध-प्रदर्शन 11वें दिन भी जारी रखा।
विश्वविद्यालय के कुलपति पी.अप्पा राव के इस्तीफे की मांग को लेकर उस्मानिया विश्वविद्यालय के संकाय के एक सदस्य भी अनशन में शामिल हुए।
एक प्रोफेसर वी.कृष्णा ने आईएएनएस से कहा कि पिछले सप्ताह छुट्टी पर गए अप्पा राव के इस्तीफे की मांग को लेकर यह बेमियादी अनशन है।
फोरम अंतरिम कुलपति विपिन श्रीवास्तव के इस्तीफे की भी मांग कर रहा है, जिन्होंने उस आयोग की अध्यक्षता की थी, जिसने शोध छात्र रोहित वेमुला को निलंबित कर दिया था। वेमुला ने 17 जनवरी को खुदकुशी कर ली थी, जिसके बाद व्यापक तौर पर विरोध-प्रदर्शन किया जा रहा है।
सामाजिक न्याय के लिए संयुक्त कार्रवाई कमेटी के बैनर तले विद्यार्थी वेमुला की खुदकुशी पर विश्वविद्यालय परिसर में विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं और कुलपति, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी व बंडारू दत्तात्रेय का इस्तीफा मांग रहे हैं।
अंतरिम कुलपति का बुधवार को प्रदर्शनरत छात्रों के पास पहुंचने का प्रयास नाकाम रहा, क्योंकि जेएसी ने कहा कि उन्हें यह अस्वीकार्य है, क्योंकि वे उस फैसले का हिस्सा थे, जिसमें दलित विद्यार्थियों को दंडित किया गया था।
विश्वविद्यालय परिसर में गुरुवार को भी माहौल तनावपूर्ण रहा, क्योंकि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के सदस्यों ने कक्षाओं के पुन: संचालन की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया।
वहीं, जीवन विज्ञान विभाग के विद्यार्थियों ने अपने अकादमिक साल को बचाने के लिए नारे लगाए।
जेएसी ने आरोप लगाया है कि अंतरिम कुलपति विद्यार्थियों के एक समूह को दूसरे के खिलाफ भड़का रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि वेमुला मामले में जब तक न्याय नहीं मिल जाता, प्रदर्शन जारी रहेगा।
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