कोलकाता, 14 जनवरी (आईएएनएस)। हरियाणा और पंजाब के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश मुकुल मुदगल ने रविवार को कहा कि हाल ही में देश के प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा पर उपयुक्त बेंच में मामलों को निर्दिष्ट करने को लेकर नियमों के उल्लंघन का आरोप लागने वाले सर्वोच्च न्यायालय के चार वरिष्ठतम न्यायाधीशों द्वारा ऐसा करने के अपने कारण हों।
एपीजे कोलकाता साहित्य महोत्सव से इतर मुदगल ने आईएएनएस से कहा, “मैं इससे प्रत्यक्ष रूप से नहीं जुड़ा हूं लेकिन हो सकता है कि उनकी अपनी शिकायतें हों जिनका वे समाधान ना कर सके हों। मैं बस यही कहना चाहता हूं।”
चार न्यायाधीशों ने शुक्रवार को प्रधान न्यायाधीश पर मामलों के आवंटन पर निशाना साधते हुए कहा था कि शीर्ष अदालत का प्रशासन सही हालत में नहीं है। इन चार न्यायाधीशों के नाम न्यायमूर्ति के. चेलमेश्वर, रंजन गोगोई, मदन बी. लोकुर और कुरियन जोसेफ हैं।
नई दिल्ली में शीर्ष अदालत के इन चार न्यायाधीशों का साथ कुछ पूर्व न्यायाधीशों ने भी दिया है। चारों न्यायाधीशों ने देश के प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ शिकायत करते हुए कहा था कि अगर सर्वोच्च न्यायालय में पीठों की अध्यक्षता कनिष्ठ न्यायाधीशों को करने की इजाजत दी जाती है तो इससे केवल कानून के राज को नुकसान पहुंचेगा।
न्यायमूर्ति चेलमेश्वर ने शुक्रवार को जल्दी में अपने आवास पर अपने तीनों साथियों के साथ एक प्रेस वार्ता में कहा था कि सर्वोच्च न्यायालय का प्रशासन दुरुस्त स्थिति में नहीं है और न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा को विश्वास दिलाने का उनका प्रयास सुबह भी विफल रहा, जिसके बाद उन्हें सीधे देश के सामने अपनी बात रखने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
dharmpath.com dharmpath