मोर्चा ने किसान हितकारी कार्यो की जहां प्रशंसा की, वहीं आलू किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए अपनी 11 सूत्रीय मांगों का एक पत्र भी सौंपा।
मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राजा वर्मा ने कहा कि आजादी के बाद से उत्तर प्रदेश में किसी भी सरकार ने आलू का समर्थन मूल्य घोषित नहीं किया था। अब रुपये 487 प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य पहली बार योगी सरकार द्वारा घोषित किया गया तथा एक लाख टन आलू सरकार द्वारा क्रय करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया।
वर्मा ने बताया कि आलू किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए उपमुख्यमंत्री को सौंपे मांग पत्र में समर्थन मूल्य में वृद्धि किए जाने, क्रय का सरकारी लक्ष्य बढ़ाए जाने, भंडारण की उचित व्यवस्था किए जाने, आलू बाहर भेजने पर सब्सिडी बढ़ाए जाने, आलू आधारित उद्योग स्थापित किए जाने, आलू पर दी जाने वाली सब्सिडी किसानों के बैंक खाते में सीधे भेजे जाने, आलू पर मंडी शुल्क खत्म किए जाने की मांग की गई है।
किसान मोर्चा प्रतिनिधिमंडल में मोर्चा के उपाध्यक्ष सुधीर सिंह सिद्धू, रामबाबू द्विवेदी, विनय राय, राकेश शर्मा तथा संतोष सिंह शामिल थे।
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