श्रीनगर, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश ने शनिवार को कहा कि उन्हें तथा जम्मू एंड कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के अध्यक्ष यासीन मलिक को गिरफ्तार नहीं किया गया था, बल्कि उस गांव में जाने से रोकने के लिए हिरासत में लिया गया था, जहां सुरक्षाकर्मियों की गोली से एक किशोर की मौत हो गई थी।
स्वामी अग्निवेश ने श्रीनगर से टेलीफोन पर आईएएनएस से कहा, “उन्हें और मलिक को गिरफ्तार नहीं किया गया, बल्कि उस गांव में जाने से रोकने के लिए 10-15 मिनट के लिए हिरासत में लिया गया था, जहां सुरक्षाकर्मियों की गोली से एक किशोर की मौत हो गई थी।”
कश्मीर घाटी में विस्थापित कश्मीरी पंडितों के लिए समग्र टाउनशिप के विरोध में श्रीनगर शहर के मैसुमा इलाके में जेकेएलएफ कार्यकर्ताओं के साथ मलिक तथा अग्निवेश सुबह में एक सांकेतिक भूख हड़ताल पर बैठे।
दोपहर के वक्त मलिक व स्वामी ने नरबल गांव जाने का फैसला किया, जहां पथराव कर रहे युवकों व पुलिस के बीच झड़प के दौरान पुलिसकर्मियों की गोलीबारी में एक किशोर की मौत हो गई थी।
अग्निवेश ने कहा, “मलिक द्वारा शुरू की गई एक बेहतर पहल पर एकजुटता दर्शाने मैं यहां आया था। मुझे नहीं पता कि मीडिया ने इसे गिरफ्तारी क्यों कहा।”
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