नई दिल्ली, 15 दिसम्बर (आईएएनएस)। नए नाम के साथ दोबारा शुरू हो रहे देश के एकमात्र बैडमिंटन लीग टूर्नामेंट प्रो बैडमिंटन लीग (पीबीएल) के प्रारूप में थोड़ा बदलाव किया गया है। अगले वर्ष दो से 17 जनवरी के बीच होने वाला यह लीग अब 15 अंकीय प्रणाली के तहत खेला जाएगा।
आयोजकों ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि यह बदलाव लीग को रोचक बनाने के लिए किया गया है।
लीग में एक गेम अब 15 प्वाइंट का होगा, जबकि अंतर्राष्ट्रीय बैडमिंटन 21 अंकीय प्रणाली पर खेला जाता है।
इसके अलावा भी लीग में कई बदलाव किए गए हैं। दो टीमों के बीच होने वाले मैच में पुरूष एकल वर्ग के दो गेम, महिला एकल वर्ग का एक गेम, पुरुष युगल वर्ग का एक गेम और एक मिश्रित युगल वर्ग का एक गेम शामिल होगा। दोनो टीमों के बीच फाइनल स्कोर 14-14 से बराबर रहने पर मैच का फैसला सडेन डेथ के माध्यम से किया जाएगा।
इसके अलावा प्रत्येक टीम को अपने पांच गेम में से किसी एक गेम को ‘ट्रंप मैच’ घोषित करना होगा। इस मैच में जो टीम जीतेगी उसे बोनस अंक मिलेंगे, जबकि हारने वाली टीम के अतिरिक्त अंक काट लिए जाएंगे।
लीग चरण में टीम एक खिलाड़ी को दो बार ‘ट्रंप मैच’ में उतार सकती है जबकि नॉक आउट दौर में एक बार ही उस खिलाड़ी को ‘ट्रंप मैच’ में उतारा जा सकेगा।
हर टीम को अधिकतम और न्यूनतम 10 खिलाड़ी ही चुनने होंगे। इनमें से चार भारतीय खिलाड़ी होने जरूरी हैं। इसके अलावा किसी टीम के लिए अपने पांच गेम में से दो गेमों में भारतीय खिलाड़ियों को शामिल करना जरूरी होगा। कोई भी खिलाड़ी एक दिन में दो गेम से ज्यादा नहीं खेल सकता।
भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) और पीबीएल के चेयरमैन अखिलेश दासगुप्ता ने एक बयान जारी कर कहा, “पीबीएल में नए नियम लागू करने के पीछे लीग को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने का उद्देश्य है। नया प्रारूप हर दिन टीमों को अच्छा खेलने के लिए प्रोत्साहित करेगा और हो सकता है कि लीग में हमें चौंकाने वाले नतीजे देखने को मिलें।”
उन्होंने आगे कहा, “कोई भी टीम अपने किसी मैच को लापरवाही से नहीं लेगी क्योंकि एक गलत कदम अंक तालिका में उसे नुकसान पहुंचा सकता है।”
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