नई दिल्ली, 16 जून (आईएएनएस)। आम आदमी पार्टी (आप) ने गुरुवार को 1984 के सिख विरोधी दंगों में भूमिका को लेकर कांग्रेस नेता कमलनाथ के खिलाफ जांच की मांग की।
आप नेता एच.एस. फुल्का ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, “कमलनाथ ने अपने शपथ पत्र में खुद स्वीकार किया है कि दिल्ली के गुरुद्वारा रकाबगंज में जब भीड़ ने हमला किया था और दो सिखों को मार डाला था, तब वह वहां मौजूद थे।”
फुल्का ने कहा कि कमलनाथ उसके लिए जिम्मेदार हैं और पुलिस को उनसे पूछना चाहिए कि वे कौन लोग थे जो वहां गैरकानूनी ढंग से जुटे थे। कमलनाथ नेता थे और वह उन्हें नियंत्रित कर रहे थे।
उन्होंने कहा, “कमलनाथ से इस बारे में अब तक पूछताछ नहीं की गई। यह कानून का मजाक है।”
आप ने कांग्रेस के अन्य नेताओं के दंगाइयों से रिश्ते को लेकर भी सवाल उठाया।
तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके दो सिख अंगरक्षकों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिसके बाद दंगे हुए थे। हिंसा में 3000 से अधिक सिख मारे गए थे। अधिकांस दिल्ली में मारे गए थे।
आप विधायक जरनैल सिंह ने यह जानना चाहा है कि कांग्रेस नेता सज्जन कुमार अब भी कांग्रेस में कैसे हैं, जबकि कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह कहते हैं कि वह दंगों के आरोपियों में एक हैं।
जरनैल सिंह ने कहा, “जगदीश टाइटलर कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य क्यों हैं? कांग्रेस को इस बारे में स्पष्टीकरण देना होगा। कमलनाथ को महासचिव पद से हटा देने भर से यह मामला खत्म नहीं हो जाएगा।”
कमलनाथ को बुधवार को पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए प्रभारी महासचिव पद से मुक्त कर दिया गया। उन्होंने इसके लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से आग्रह किया था।
आप नेता दिलीप पांडे ने कहा कि कांग्रेस को लगातार दबाव की वजह से कमलनाथ पर कार्रवाई तो करनी ही थी।
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