रिपोर्ट के मुताबिक, आईएस द्वारा भर्ती की गईं फ्रेंच महिलाओं में प्राय: ऐसी युवतियां हैं, जो या तो इंटरनेट के माध्यम से आईएस से प्रेरित हुई हैं या उनके पति पहले से ही आईएस के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं।
चैनल ने मुताबिक, मनोविश्लेषक तथा जेहाद विशेषज्ञ पैट्रिक एमोएल ने कहा कि महिलाएं लड़ाई लड़ने के लिए आकर्षित नहीं हो रहीं, बल्कि वे लड़ाकों से शादी के लिए आकर्षित हो रही हैं।
साल 2015 में फ्रांस को दो बार आईएस के हमलों का सामना करना पड़ा। एक हमला हयात बोमेद्दीन ने किया, जो पिछले साल जनवरी में जेविश सुपरमार्केट में हमला करने वाले हमलावर एमेदी काउलीबेली की पत्नी थी।
वहीं, पेरिस में 13 नवंबर को हुए हमले में हासना एत बोलाचेन ने आतंकवादियों को रसद संबंधी मदद की थी।
अब तक कुल 600 फ्रेंच नागरिक सीरिया में आईएस में शामिल हो चुके हैं, जिनमें से 220 महिलाएं हैं।
dharmpath.com dharmpath