2016 में भारत बड़े खेल आयोजनों के लिए तैयार

अजॉय बासु

अजॉय बासु

नई दिल्ली , 8 जनवरी (आईएएनएस)। कई बड़ी प्रतियोगिताओं की मेजबानी के साथ भारत 2016 में खेल की दुनिया में अपना परचम फहराने को तैयार है।

शुरुआत टी-20 क्रिकेट विश्व कप से होगी। मार्च में होने वाली इस प्रतियोगिता की मेजबानी भारत को ही करना है। मेजबान होने के नाते भारतीय टीम को घरेलू परिस्थितियों का फायदा मिलेगा।

इसी को देखते हुए चयनकर्ताओं ने आस्ट्रेलिया दौरे पर गई टीम में कई युवा खिलाड़ियों को शामिल किया है।

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भारतीय क्रिकेट में सुधारों के लिए अवकाश प्राप्त न्यायमूर्ति आर.एम.लोढ़ा की अध्यक्षता में बनाई गई समिति ने अपनी रिपोर्ट पेश कर दी है। अगर सर्वोच्च न्यायालय समिति के सुझावों को लागू करता है तो भारतीय क्रिकेट में कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

2015 में शानदार प्रदर्शन करने वाली महिला टेनिस स्टार सानिया मिर्जा और उनकी जोड़ीदार मार्टिना हिंगिस से 2016 में भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। सानिया ने 2015 में 10 युगल खिताब अपने नाम किए थे जिनमें से नौ उन्होंने हिंगिस के साथ जीते थे।

2016 में खेलों का महाकुंभ कहे जाने वाले ओलम्पिक का आयोजन भी होना है। रियो ओलम्पिक में टेनिस स्पर्धा में भारत के पुरुष युगल और मिश्रित युगल से पदक की उम्मीद रहेगी। मिश्रित युगल में सानिया भारत के मशहूर टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस के साथ जोड़ी बना सकती हैं।

पुरुष युगल में पेस और महेश भूपति की मशहूर जोड़ी 2012 में टूट गई थी। इसके बाद पेस, रोहन बोपन्ना के साथ नजर आए थे। लेकिन, इस बार बोपन्ना, पेस के साथ खेलने के बजाए भूपति के साथ जोड़ी बनाने में दिलचस्पी लेते दिख रहे हैं। इसे लेकर विवाद की स्थिति एक बार फिर बन सकती है।

फुटबाल में भारतीय टीम की रैंकिंग में गिरावट देखी गई। टीम रैंकिंग में फिसल कर 173वें स्थान पर आ गई जो उसकी अब तक की सबसे खराब रैंकिंग है। हालांकि, सैफ कप जीत कर टीम ने साल की शुरुआत अच्छी की है। इससे कोच स्टीफन कांस्टेंटाइन को थोड़ी राहत मिली होगी जो विश्व कप अर्हता मैचों में भारत के सबसे खराब प्रदर्शन और अपने विवादास्पद बयानों की वजह से चर्चा में रहे हैं।

इस साल खेल के दीवानों के लिए जो सबसे बड़ी और रोमांचित करने वाली बात है वह है ओलम्पिक खेल।

2012 में लंदन में हुए ओलम्पिक खेलों में भारत ने कुल छह पदक हासिल किए थे और उम्मीद है कि इस बार पदकों की संख्या पहले से ज्यादा होगी।

भारत के निशानेबाजों ने ओलम्पिक में हमेशा ही भारत का मान बढ़ाया है। इस बार भी उम्मीद है कि उनका निशाना नहीं चूकेगा।

भारत को हाल ही में स्वीडिश कप ग्रां प्री में महिला 10 मीटर मुकाबले में स्वर्ण पदक दिलाने वाली अपूर्वी चंदेला से काफी उम्मीदें हैं।

पुरुषों में अभिनव बिन्द्रा से 10 मीटर राइफल में, गगन नारंग से 50 मीटर राइफल में, जीतू राय से 50 मीटर पिस्टौल में पदक की उम्मीद है।

टेनिस और निशानेबाजी के अलावा भारत को कुश्ती में पदक की उम्मीद है। 2012 लंदन ओलम्पिक में दो पदक जीत कर भारत के कुश्ती खिलाड़ियों ने इतिहास रचा था। सुशील कुमार और योगेश्वर दत्त ने क्रमश: रजत और कांस्य पदक जीत कर देश को गौरवान्वित किया था। इस बार दोनों से पहले से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493