नई दिल्ली, 21 फरवरी (आईएएनएस)। भारत का लक्ष्य साल 2018 तक देश के हर गांव तक उच्च गति की डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंचाना है, साथ ही वह इस क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता को अन्य देशों के साथ भी साझा करना चाहती है। सरकार ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
दूरसंचार उपकरण एवं सेवा निर्यात संवर्धन परिषद (टीईपीसी) द्वारा यहां आयोजित वैश्विक सम्मेलन में दूरसंचार सचिव जे. एस. दीपक ने कहा, “भारत का दूरसंचार विभाग सार्वभौमिक सेवा दायित्व (यूएसओ) फंड के तहत साल 2018 तक देश के हर गांव में हाई-स्पीड ब्राडबैंड पहुंचाने के काम में जुटी है।”
उन्होंने आगे कहा, “सरकार सभी छह लाख गांवों तक प्रौद्योगिकी के फायदे पहुंचाना चाहती है, और सभी ग्रामीण क्षेत्रों ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क पहुंचाने पर काम कर रही है।”
उन्होंने भारतीय दूरसंचार क्षेत्र को सबसे तेजी से विकसित हो रहा क्षेत्र बताया और इसकी खूबियों को गिनाया।
उन्होंने कहा, “भारतीय उत्पाद कम कीमत में बेहतरीन गुणवत्ता के होते हैं। साथ ही ये भविष्य के लिए मुफीद हैं, क्योंकि उन्हें आसानी से अपग्रेड किया जा सकता है।”
उन्होंने कहा, “देश में स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र तेजी से बढ़ रहा है, जोकि दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा तंत्र है।”
वित्तमंत्री अरुण जेटली ने एक फरवरी को पेश किए गए आम बजट में भारत नेट परियोजना को वित्त वर्ष 2017-18 में हाइस्पीड ब्रांडबैंड लगाने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया है।
dharmpath.com dharmpath