नई दिल्ली, 14 जून (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। इस बीच कांग्रेस और भाजपा ने आप के 21 विधायकों को अयोग्य करार देने की मांग की। दिल्ली सरकार के एक विधेयक को राष्ट्रपति की सहमति नहीं मिलने के एक दिन बाद ऐसा हुआ है। उस विधेयक में संसदीय सचिव को लाभ के पद से हटा देने की मांग की गई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारे संसदीय सचिवों को एक पैसा नहीं मिलता, तब भी सब उनके पीछे पड़े हैं और मोदी उन्हें अयोग्य ठहरवाना चाहते हैं।”
केजरीवाल ने मीडिया से कहा कि यदि प्रधानमंत्री उन्हें अयोग्य करार दिलाना चाहते हैं तो देश के सभी संसदीय सचिवों को अयोग्य करार दिया जाना चाहिए।
आप के नेता ने कहा कि केंद्र सरकार के इस कदम के पीछे मोदी का आप से डर है।
भाजपा और कांग्रेस आप को घेरने की कोशिश कर रही हैं, जिसने दोनों दलों को फरवरी 2015 में हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में 70 में से 67 सीटें जीतकर बुरी तरह से हराया था।
भाजपा नेता मीनाक्षी लेखी ने कहा कि यह एक स्पष्ट मामला है। चुनाव आयोग अनिवार्य रूप से जल्द से जल्द विधायकों की अयोग्यता के मुद्दे पर अंतिम निर्णय ले।
कांग्रेस नेता अजय माकन ने आईएएनएस से कहा, “हम लोग प्रक्रिया की उपेक्षा कर संसदीय सचिव नियुक्त किए गए 21 विधायकों को अयोग्य करार देने की मांग पहले ही कर चुके हैं।”
भाजपा ने केजरीवाल पर राष्ट्रपति कार्यालय की गरिमा कम करने का आरोप लगाया है। लेखी ने कहा कि यही समय है कि मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री का प्रशासनिक कौशल सीखें। आप की गलती पकड़ी गई है।
राष्ट्रपति मुखर्जी ने सोमवार को दिल्ली मेंबर्स ऑफ लेजिस्लेटिव असेंबली (रिमूवल ऑफ डिसक्वालिफिकेशन) एक्ट पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। उसे उपराज्यपाल नजीब जंग ओर से केंद्र सरकार ने अग्रसारित किया था।
इसे लेकर आप के अन्य नेता भी विद्रोही तेवर अपनाए हुए हैं।
आप के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा कि भाजपा के शासन वाले अन्य राज्यों -हरियाणा, पंजाब, गुजरात, राजस्थान और छत्तीसगढ़- में भी संसदीय सचिव हैं, लेकिन मोदी सरकार केवल दिल्ली में ही इस विचार के विरोध में है।
कांग्रेस ने ट्वीट किया है, “मिस्टर केजरीवाल आप अक्सर शुद्धता की बहुत बातें करते थे। जब से आपने सत्ता संभाली है वे सब बातें कहां चली गईं?”
लेखी ने आप के इस कथन को खारिज कर दिया है कि विधायकों ने एक पैसा नहीं लिया है।
राष्ट्रपति के इस फैसले से आप के 21 विधायकों के भविष्य पर प्रश्न चिन्ह लग गया है।
आप के एक नेता ने कहा, “हमें क्या करना है, इस बारे में कोई फैसला हम चुनाव आयोग से कोई फैसला आने के बाद करेंगे।”
ये 21 विधायक हैं- अलका लांबा, प्रवीण कुमार, शरद कुमार, आदर्श शास्त्री, मदन लाल, शिव चरण गोयल, संजीव झा, सरिता सिंह, नरेश यादव, जरनैल सिंह(तिलक नगर), राजेश गुप्ता, अनिल कुमार बाजपेयी, सोम दत्त, अवतार सिंह, विजेंदर गर्ग, जरनैल सिंह (राजौरी गार्डन), कैलाश गहलौत, मनोज कुमार, नितिन त्यागी, राजेश ऋषि और सुखबीर सिंह दलाल।
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