नई दिल्ली, 17 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय बाल कल्याण परिषद (आईसीसीडब्ल्यू) के राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से 25 बच्चों का चयन किया गया है। इन बच्चों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 जनवरी को सम्मानित करेंगे।
यह पुरस्कार चार बच्चों को मरणोपरांत दिया जाएगा।
भारत अवॉर्ड अरुणाचल प्रदेश के आठ वर्षीय तारह पेजू को दिया जाएगा, जिसने अपने दो दोस्तों को डूबने से बचाने के प्रयास में अपनी जान दे दी।
मिजोरम के रोलुआहपुई व लालहरियतपुई तथा छत्तीसगढ़ के तुषार वर्मा को मरणोपरांत बापू गैधानी अवॉर्ड दिया जाएगा।
रोलुआहपुई ने अपनी जान कुर्बान कर दो लड़कियों को डूबने से बचाया था, वहीं लालहरियतपुई ने अपने चचेरे भाई को कार दुर्घटना से बचाने में अपनी जान दे दी। तुषार ने पड़ोसी की झोपड़ी के जलने से बचाने के प्रयास में अपने प्राणों की आहूति दे दी।
गीता चोपड़ा अवॉर्ड पश्चिम बंगाल की 18 वर्षीय तेजस्विता प्रधान तथा 17 वर्षीय शिवानी गोंड को दिया जाएगा, जिन्होंने बिना किसी भय के पुलिस व गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) की मदद की, जिसकी बदौलत एक अंतर्राष्ट्रीय सेक्स रैकेट का न सिर्फ पर्दाफाश हुआ, बल्कि उसके सरगना को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
संजय चोपड़ा अवॉर्ड के लिए उत्तराखंड के 15 वर्षीय सुमित मामगेन को चुना गया है, जिन्होंने अपने चचेरे भाई को बचाने के लिए एक चीते से भिड़ने में अदम्य साहस का परिचय दिया।
आईसीसीडब्ल्यू की अध्यक्ष गीता सिद्धार्थ ने आईएएनएस से कहा, “इन पुरस्कारों की शुरुआत उन बच्चों को पहचान प्रदान करने के लिए की गई है, जो अदम्य साहस का परिचय देते हैं और अन्य बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत बनते हैं।”
पुरस्कारों के लिए इन बच्चों का चयन एक उच्चस्तरीय कमेटी द्वारा किया गया, जिसमें विभिन्न मंत्रालयों के प्रतिनिधि, एनजीओ तथा आईसीसीडब्ल्यू के अधिकारी शामिल थे।
गीता ने कहा, “पुरस्कार प्राप्त करने वाले बच्चों को वित्तीय सहायता स्कूली शिक्षा प्राप्त करने के बाद मिलेगी।”
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