नई दिल्ली, 8 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा 500 रुपये के दो आकार के नोट छापने की शिकायत करते हुए कांग्रेस ने मंगलवार को राज्यसभा में जमकर हंगामा किया और आरोप लगाया कि नोटबंदी इस सदी का सबसे बड़ा घोटाला है।
कांग्रेस के आरोपों पर सदन में जमकर हंगामा हुआ और सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी और कोई कामकाज नहीं हो सका।
मुद्दे पर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच तीखी बहस हुई, जिसके चलते सदन की कार्यवाही छह बार स्थगित करनी पड़ी और अंतत: पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने सदन की कार्यवाही शुरू होते ही आरबीआई द्वारा दो आकार के 500 रुपये के नोट छापने का दावा किया और इसके साथ ही हंगामा शुरू हो गया।
सिब्बल ने एक तख्ती पर चिपकाए 500 रुपये के दो आकार के नोट प्रदर्शित करते हुए कहा, “आरबीआई दो तरह के नोट छाप रही है। ये दोनों नोट अलग-अलग आकार और डिजाइन के हैं..ऐसा कैसे संभव है?”
वहीं विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने आरोप लगाया कि नोटबंदी ‘इस सदी का सबसे बड़ा घोटाला’ था।
तृणमूल कांग्रेस के सदस्य डेरेक ओ ब्रायन, जनता दल (युनाइटेड) के सदस्य शरद यादव और समाजवादी पार्टी (सपा) के नरेश अग्रवाल सहित विपक्ष के दूसरे नेताओं ने भी कांग्रेस का समर्थन किया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों ने तकनीकी आधार का हवाला देते हुए यह मुद्दा उठाए जाने का विरोध किया।
केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने विपक्ष पर हर दूसरे दिन ‘तुच्छ’ मुद्दे उछालने का आरोप लगाया।
जेटली ने कहा, “इस तरह का कोई प्रावधान नहीं है कि आप किसी भी दिन और कभी भी कागज का एक टुकड़ा उछालें और कह दें कि यही आज का मुद्दा है। इसके नियम हैं, जिसके तहत आपको नोटिस देना होता है। आप मुद्रा को लेकर मुद्दे नहीं खड़ा कर सकते और इस तरह के गैर जिम्मेदाराना बयान नहीं दे सकते। आप रोज शून्यकाल के दौरान ओछे मुद्दे उठाते जा रहे हैं।”
विपक्ष के नेता लेकिन विरोध में नारेबाजी करते रहे, जिसके जवाब में सत्तापक्ष के सदस्य भी हंगामा करने लगे, जिसे देखते हुए सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।
भोजनावकाश के बाद अपराह्न 2.0 बजे जब सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो सिब्बल ने फिर से 500 रुपये के अलग-अलग आकार के नोटों का मुद्दा उठा दिया और उनकी पार्टी के अन्य सदस्य सभापति के आसन के नजदीक जाकर नारेबाजी करने लगे।
उपसभापति पी. जे. कुरियन ने इसके बाद कार्यवाही अपराह्न 2.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
लेकिन जब भी कार्यवाही शुरू होती विपक्षी दल के सदस्य नारेबाजी करने लगते, जिसके जवाब में भाजपा के भी कुछ सदस्य सभापति के आसन के पास पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। हंगामा थमता न देख कुरियन ने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी।
संसदीय कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि अगर सदस्य किसी विषय पर चर्चा चाहते थे तो उन्हें नोटिस देना चाहिए था। नकवी ने कहा, “तब आपको अपने सवालों का जवाब मिल जाता।”
संसद से बाहर कांग्रेस ने कहा कि नोटबंदी के बाद जारी किए गए 500 और 2,000 रुपये के नोटों के आकार, उनकी डिजाइन और फीचर में भिन्नता के चलते इन नोटों की विश्वसनीयता खतरे में है और आम जनता इनकी वैधानिकता को लेकर संशय में है।
कांग्रेस ने नए नोटों के आकार और फीचर में भिन्नता को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्पष्टीकरण की मांग भी की।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने सरकार पर ‘आपराधिक लापरवाही और आपराधिक तौर पर दोषी’ होने का आरोप लगाते हुए कहा कि नोटबंदी के पीछे मोदी का उद्देश्य अब तक पूरा नहीं हुआ है।
सिब्बल ने यहां पत्रकारों से कहा, “हम अभी भी सरकार द्वारा अचानक और गोपनीय तरीके से 500 और 1,000 रुपये के नोटों को बंद करने के असली उद्देश्य का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा, “साफ-साफ दिख रहा है कि प्रधानमंत्री द्वारा घोषित उद्देश्य पूरे नहीं हुए हैं।”
सिब्बल ने कहा, “नोटों के अलग-अलग आकार के कारण भारतीय नोटों की विश्वसनीयता खतरे में है और वैश्विक स्तर पर इसे लेकर जटिल स्थिति बनी हुई है। नागरिक इन नोटों की वैधानिकता को लेकर संशय में हैं।”
उन्होंने ध्यान दिलाया कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की वेबसाइट पर 500 रुपये के नोट का आधिकारिक आकार 150 मिलीमीटर लंबा और 66 मिलीमीटर चौड़ा, जबकि 2,000 रुपये के नोट का आधिकारिक आकार 156 मिलीमीटर लंबा और 66 मिलीमीटर चौड़ा बताया गया है।
उन्होंने कहा, “ये अलग-अलग आकार के नोट कहां छापे जा रहे हैं? पूरी दुनिया में एक ही मूल्य के अलग-अलग आकार के नोट नहीं होते।”
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