बांदा, 6 सितम्बर (आईएएनएस)। बांदा जिला कचहरी में वकालत करने के लिए पंजीकृत 620 अधिवक्ताओं को अधिवक्ता संघ से बेदखल कर उनकी सभी सरकारी सुविधाएं छीनने की तैयारी है। इन पर वकालत के बजाय अन्य धंधों में लिप्त रहने का आरोप है।
बांदा अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष जागेश्वर यादव ने रविवार को बताया, “बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश ने हाल ही ठेकेदारी, व्यापार एवं राजनीति कर रहे अधिवक्ताओं को चिन्हित कर उनकी सदस्यता खत्म करने का फरमान जारी किया है, ताकि सरकारी सुविधाओं का दुरुपयोग न हो।”
उन्होंने बताया, “अब तक ऐसे करीब 620 अधिवक्ता चिन्हित किए गए हैं। इनमें समाजवादी पार्टी(सपा) के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद विशंभर प्रसाद निषाद, पूर्व मंत्री एवं सदर विधायक विवेक सिंह, विधान परिषद के पूर्व सदस्य (एमएलसी) युवराज सिंह, पूर्व मंत्री बाबूलाल कुशवाहा और बालू कारोबारी ध्वज सिंह शामिल हैं।”
चिन्हित अधिवक्ताओं को कचहरी प्रांगण में आवंटित कमरों के निरस्तीकरण के अलावा अन्य सुविधाओं से भी मुक्त कर दिया जाएगा।
इस मामले में अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष रणवीर सिंह चौहान ने कहा, “यहां ऐसे सैकड़ों अधिवक्ता पंजीकृत हैं, जिनका वकालत पेशे से कोई लेना-देना नहीं है।”
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