पुणे, 19 मई (आईएएनएस)। आंख के दुर्लभ ऑपरेशन पर बनी आठ मिनट की एक फिल्म को अमेरिकन सोसाइटी ऑफ कैटरेक्ट एंड रिफ्रैक्टिव सर्जरी का शीर्ष पुरस्कार दिया गया है। इन पुरस्कारों का आयोजन सैन डिएगो में किया गया था। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
लघु फिल्म में दर्शाई गई प्रक्रिया नजर को होने वाले संभावित खतरे के उपचार से संबंधित है, जिसे केरैटोकोनस कहते हैं। इस बीमारी में कार्निया सिकुड़ जाता है और बाहर निकल आता है, जिसके कारण नजर कमजोर हो जाती है।
यह बीमारी सामान्यत: बचपन में अथवा किशोरावस्था में होती है। इसका केवल एक ही उत्तम उपचार है कॉर्निया का प्रत्यारोपण।
बेंगलुरू स्थित नेत्रधाम नेत्र चिकित्सालय ने एक नई तकनीकी इजाद की है जिसे फेमटोसेकंड इंट्रस्ट्रोमल लेंटीक्यूल इंप्लांटेशन (फिली) कहते हैं। यह तकनीकी रोगग्रस्त कॉर्निया की मोटाई, शक्ति और आकार में सुधार लाकर उसे स्थिर रखने का काम करता है। इससे नजर और इसकी गुणवत्ता में भी सुधार आता है।
नए निर्देशक और युवा चिकित्सक पुरस्कार श्रेणी की इस लघु फिल्म को पुणे की स्क्रीनयुग क्रिएशन ने तैयार किया है। वहीं नेत्राधाम नेत्र चिकित्सालय के स्थान पर यह पुरस्कार डॉ. शीतल बरार ने ग्रहण किया।
नेत्रधान के प्रमुख डॉ. श्री गणेश ने कहा कि फिल्म की सफलता में एनिमेशन का बहुत योगदान रहा और इससे आसान और प्रभावी तरीके से नई तकनीकी के पीछे की वैज्ञानिक अवधारणा को समझाने में सहायता मिली।
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