नई दिल्ली, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत के 93 फीसदी वयस्क नागरिकों ने स्वेच्छा से आधार कार्ड हासिल किए हैं। पहला आधार कार्ड 29 सितंबर 2010 को जारी किया था। पांच साल के अंदर देश में 92.68 करोड़ लोगों को आधार कार्ड दिए जा चुके हैं।
नई दिल्ली, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत के 93 फीसदी वयस्क नागरिकों ने स्वेच्छा से आधार कार्ड हासिल किए हैं। पहला आधार कार्ड 29 सितंबर 2010 को जारी किया था। पांच साल के अंदर देश में 92.68 करोड़ लोगों को आधार कार्ड दिए जा चुके हैं।
एक आधिकारिक बयान में शुक्रवार को कहा गया, “अभी तक यह पाया गया है कि 93 फीसदी वयस्क भारतीयों ने स्वेच्छा से अपनी विशिष्ट पहचान-आधार को हासिल किया है। सभी को आधार के दायरे में लाने के लिए अब यूआईडीएआई बच्चों के नामांकन पर ध्यान दे रही है। इसके साथ ही अब तक आधार न बनवाने वालों को भी इसके दायरे में लाया जा रहा है।”
बयान के मुताबिक यूआईडीएआई ने 29 सितंबर 2010 को पहला आधार कार्ड जारी किया था। पांच साल के अंदर ही देश में 92.68 करोड़ लोगों को आधार कार्ड दिए जा चुके हैं।
बयान में कहा गया है, “यह सफलता इसलिए हासिल हो सकी क्योंकि लोगों में अपनी विशिष्ट पहचान के साथ खुद को अधिकार संपन्न बनाने की स्वेच्छा थी।”
बयान में कहा गया है कि यह साफ हो चुका है कि किसी के भी आधार कार्ड को कोई दूसरा फर्जी तरीके से हासिल नहीं कर सकता। और, इसी वजह से कल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचाने का सपना पूरा हो सका है।
dharmpath.com dharmpath