कोलकाता, 29 जुलाई (आईएएनएस)। प्रख्यात लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता महाश्वेता देवी का अंतिम संस्कार शुक्रवार को यहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में हर वर्ग के लोगों ने हजारों की संख्या में उपस्थित होकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
महाश्वेता देवी के पोते तथागत भट्टाचार्य ने उन्हें मुखाग्नि दी। पुलिस ने अपनी बंदूकें उलटी कर उन्हें सलामी दी।
रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित महाश्वेता का कोलकाता के एक नर्सिग होम में गुरुवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 90 साल की थीं।
राज्य सरकार के कई मंत्रियों के अलावा, वाम मोर्चा के अध्यक्ष बिमान बोस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव सूर्यकांत मिश्रा ने महाश्वेता देवी के पार्थिव शरीर पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उनका पार्थिव शरीर लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रवींद्र सदन सभागार में रखा गया था।
महाश्वेता देवी की अंतिम यात्रा में लोगों की भारी भीड़ रही। महाश्वेता देवी का शव एक खुले वाहन पर शीशे की संदूक में रखा गया था, जिसके साथ पुलिस के वाहनों का काफिला था, और उसके साथ था उनके चाहने वालों का भारी हुजूम। लेखिका के शव को केओरातल्ला शमशान ले जाया गया।
उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों की भीड़ इतनी बड़ी थी कि लग रहा था कोई विशाल रैली आयोजित है। श्रद्धांजलि देने वालों में कलाकार, लेखक, बुद्धिजीवी और मशहूर हस्तियों के साथ ही आम जन शामिल थे।
लोधा और साबर कल्याण समिति के बैनर तले इकट्ठा हुए आदिवासियों में से एक ने कहा, “हमने अपनी मां को खो दिया है। हमने वह आवाज खो दी है, जो लड़ाई जारी रखने के लिए हमें प्रेरित करती थी।”
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