नई दिल्ली, 30 जुलाई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत ने शनिवार को 2010 में प्रदर्शित हिन्दी फिल्म ‘पीपली लाइव’ के सह निर्देशक महमूद फारूकी को एक अमेरिकी महिला के साथ दुष्कर्म के मामले में दोषी करार दिया।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजीव जैन ने फारूकी को दुष्कर्म का दोषी ठहराते हुए सजा पर दलीलों की सुनवाई के लिए दो अगस्त की तारीख सुनिश्चित की।
फारूकी जमानत पर हैं। जिस वक्त फैसला सुनाया गया, वह अदालत में मौजूद थे। उनकी पत्नी व फिल्म निर्देशक व पटकथा लेखिका अनुषा रिजवी तथा उनके कुछ मित्र भी अदालत में मौजूद थे।
अदालत ने फारूकी को हिरासत में लिए जाने का आदेश भी दिया।
फारूकी पर कोलंबिया विश्वविद्यालय की एक शोध छात्रा (35) से दुष्कर्म का आरोप था, जो अपने डॉक्टरेट थीसिस के लिए शोध करने भारत आई थीं।
महिला जून 2014 में दिल्ली आई थीं और गोरखपुर में अपने काम के सिलसिले में संपर्क बनाने में लगी थीं। इसी बीच एक मित्र के जरिये वह फारूकी के संपर्क में आईं।
घटना 28 मार्च, 2015 की है, जब फारूकी ने उसे रात्रिभोज के लिए अपने आवास पर आमंत्रित किया था।
पुलिस के आरोप-पत्र के अनुसार, महिला रात नौ बजे फारूकी के घर पहुंचीं। उसने देखा कि वह नशे में थे। फारूकी ने उससे दूसरे कमरे में जाने को कहा, जिसमें उनका दफ्तर था।
आरोप-पत्र के अनुसार, करीब 20 मिनट बाद महिला उस कमरे से निकलकर पोर्च में धूम्रपान के लिए गईं, जब फारूकी ने उससे अंदर आने तथा बैठने को कहा। कुछ देर उससे बात करने के बाद फारूकी ने अचानक उसका चुंबन ले लिया और जबरन उसके साथ संबंध बनाए।
अभियोजन पक्ष का कहना है कि इस घटना के बाद महिला बुरी तरह से डर गई।
सुनवाई के दौरान अमेरिकी शोध छात्रा अपनी शिकायत पर बनी रही और फारूकी पर दुष्कर्म का आरोप लगाया। हालांकि फारूकी ने आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया कि उन्हें मामले में गलत तरीके से फंसाया गया।
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