नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के छह पूर्व मुख्यमंत्रियों को दो महीने के भीतर सरकारी आवास खाली करने के निर्देश दिए। ये आवास उन्हें राज्य सरकार से मिले हुए हैं।
न्यायमूर्ति अनिल आर.दवे की अध्यक्षतावाली पीठ ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को परिसरों को अपने कब्जे में रखने का कोई अधिकार नहीं है। इन्हें वे खाली कर दें।
सरकारी आवास अपने कब्जे में रखने वाले छह पूर्व मुख्यमंत्रियों में कल्याण सिंह, राजनाथ सिंह, मुलायम सिंह यादव, मायावती, नारायण दत्त तिवारी और राम नरेश यादव शामिल हैं।
पूर्व मुख्यमंत्रियों के कब्जे वाले बंगले लखनऊ के पॉश इलाकों में मॉल रोड और विक्रमादित्य मार्ग पर स्थित हैं।
शीर्ष अदालत ने गैर सरकारी संगठन लोक प्रहरी की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए ये आदेश दिए। याचिका में पूर्व मुख्यमंत्री आवास आवंटन नियम 1997 की वैधता को चुनौती दी गई थी।
लोक प्रहरी दलील दी कि नियम का कोई संवैधानिक आधार नहीं है और यह उत्तर प्रदेश के मंत्री, वेतन, भत्ते और अन्य सुविधाएं अधिनियम 1981 का उल्लंघन करता है।
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