नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि सऊदी अरब में बेरोजगार हुए दस हजार भारतीय श्रमिकों को स्वदेश वापस लाने के लिए सरकार सभी प्रयास कर रही है और वहां शिविरों में उन्हें भोजन उपलब्ध करा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि वापसी की प्रक्रिया शुरू करने के लिए विदेश राज्य मंत्री वी. के. सिंह मंगलवार को सऊदी अरब जाएंगे।
सुषमा स्वराज ने कहा, “मैं आपको आश्वस्त करती हूं कि सऊदी अरब में बेरोजगार हुआ कोई भी श्रमिक भोजन के बिना नहीं रहेगा। मैं घंटे-घंटे स्थिति की निगरानी कर रही हूं। मैं संसद को यह बताते हुए संतोष महसूस कर रही हूं कि सभी पांच शिविरों में अगले दस दिनों के लिए राशन वितरित कर दिया गया है।”
विदेश मंत्री ने कहा, “लेकिन, यह समस्या का स्थाई हल नहीं है। फैक्ट्रियां बंद कर कंपनियां भाग गई हैं। हम अपने श्रमिकों को वहां नहीं छोड़ सकते हैं। मैंने उनके विदेश विभाग और श्रम विभाग से संपर्क किया है। हमने वहां के विदेश विभाग से कहा है कि वे श्रमिकों को सऊदी अरब से वापस लाने के लिए हमको अधिकृत करें।”
स्थिति की विस्तार से जानकारी देते हुए सुषमा ने कहा, “उनके वेतन भी बाकी हैं। इसलिए मैंने श्रम विभाग से कहा है कि प्रत्येक श्रमिक एक अनुबंध पत्र पर दस्तखत करेगा। सऊदी सरकार को बकाए का भुगतान करने से पहले कंपनी को इन श्रमिकों को भुगतान करना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि वी. के. सिंह के रियाद पहुंचने पर सभी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।
विदेश मंत्री ने कहा, “कोई भी श्रमिक भूखा नहीं रहेगा। संसद के जरिए देश को मेरा यह आश्वासन है कि प्रत्येक व्यक्ति को भोजन मिलेगा।”
वैश्विक बजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से सऊदी अरब के निर्माण उद्योग में मंदी छा जाने के बाद वहां की एक प्रमुख कंस्ट्रक्शन कंपनी ओगर बंद हो गई है जिससे हजारों श्रमिक बेरोजगार हो गए हैं।
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