पटना, 1 अगस्त (आईएएनएस)। बिहार विधानसभा में सोमवार को मद्य-निषेध एवं उत्पाद विधेयक पेश किया गया। राज्य के मद्यनिषेध एवं उत्पाद मंत्री अब्दुल जलील मस्तान ने राज्य में पूर्ण शराबबंदी को कड़ाई से लागू करने के लिए बनाए गए मद्य-निषेध और उत्पाद विधेयक पेश किया। विपक्ष इसे मौजूदा स्वरूप में पारित कराने का विरोध कर रहा है।
इस मुद्दे पर चर्चा में भाग लेते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता नंद किशोर यादव ने कहा कि भाजपा शराबबंदी का समर्थन करती है, लेकिन इस कानून में ऐसे नियम बनाए गए जो स्वीकार योग्य नहीं हैं। उन्होंने कहा कि डंडे के जोर पर किसी भी चीज की लत को दूर नहीं किया जा सकता।
भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री की नैतिकता पर भी प्रश्न खड़ा करते हुए कहा कि वे शराबबंदी को राजनीतिक हथकंडे के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। एकतरफ वे बिहार में शराब बनवा रहे हैं, लेकिन लोगों को पीने से मना कर रहे हैं।
यादव ने कहा कि आखिर यह कैसा कानून है, जिसमें घर में शराब मिलने पर पूरे परिवार के लोगों को जेल जाना होगा। परिसर को सील कर दिया जाएगा।
उन्होंने इस विधेयक के अन्य प्रावधानों का भी खुलकर विरोध करते हुए कहा कि जब तक इसमें संशोधन नहीं होगा, भाजपा इस प्रस्ताव का समर्थन नहीं करेगी।
इससे पहले भोजनावकाश के बाद उत्पाद एवं मद्य-निषेध मंत्री अब्दुल जलील मस्तान बिहार मद्य-निषेध और उत्पाद विधेयक, 2016 को पेश किया। अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने इस प्रस्ताव को पेश कराने के लिए सदस्यों से मेज थपथपाकर अपनी राय देने को कहा।
इससे पहले बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही शुरू होने के साथ ही विपक्ष बाढ़ और सुखाड़ के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग को लेकर हंगामा करने लगा।
विपक्ष के सदस्य वेल में आ गए। विधानसभा अध्यक्ष चौधरी विपक्षी सदस्यों से बार-बार अपनी सीट पर जाने का आग्रह करते रहे, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद सदन की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित कर दी गई।
विपक्ष के नेता प्रेम कुमार सरकार से कार्यस्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कराने की मांग कर रहे थे। हंगामे को देखते हुए सदन की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित कर दी गई।
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