हैदराबाद, 1 अगस्त (आईएएनएस)। स्टार स्पोर्ट्स प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) हर साल सफलता के नए आयाम तय कर रहा है। इस लीग की सफलता का आलम यह है कि इसका एक सीजन खत्म नहीं होता कि लोगों को दूसरे सीजन का इंतजार हो जाता है।
हैदराबाद, 1 अगस्त (आईएएनएस)। स्टार स्पोर्ट्स प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) हर साल सफलता के नए आयाम तय कर रहा है। इस लीग की सफलता का आलम यह है कि इसका एक सीजन खत्म नहीं होता कि लोगों को दूसरे सीजन का इंतजार हो जाता है।
सीजन-4 का समापन रविवार को हुआ और अब लोगों को कबड्डी विश्व कप का इंतजार है, जिसका प्रसारण भी स्टार स्पोर्ट्स पर ही होना है। विश्व कप के बाद लोगों को लीग के पांचवें सीजन का इंतजार होगा। यह सिलसिला ऐसा है, जो थमने का नाम नहीं ले रहा क्योंकि इस लीग ने इस खेल को ऐसे रोमांचक रूप में पेश किया है, जिसे भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर के दर्शकों का भरपूर प्यार मिला है।
यही कारण है कि सीजन-3 की तरह सीजन-4 ने भी टेलीविजन दर्शकों को मामले में पिछले सारे रिकार्ड तोड़ दिए। यह लीग फुटबाल के इंग्लिश प्रीमियर लीग से अधिक देखा जाता है (टेलीविजन दर्शकों की संख्या के लिहाज से)। यह कोई अतिश्योक्ति नहीं आंकड़ों के आधार पर कही गई सच्चाई है।
अब बात सीजन-4 की। सीजन-4 का खिताब पटना पाइरेट्स के नाम रहा। अपने दमदार प्रदर्शन की बदौलत टीम ने रविवार को हैदराबाद के गाचीबावली इनडोर स्टेडियम में रोमांच से भरे फाइनल मुकाबले में जयपुर पिंक पैंथर्स को 37-29 से मात देकर लगातार दूसरी बार खिताब अपने नाम किया।
इससे पहले सीजन-3 में पटना ने यू-मुम्बा को हराकर पहली बार इस खिताब पर कब्जा जमाया था। रोमांच से भरे इस सीजन की समाप्ति के बाद लोगों को बेसब्री से इसके नए संस्करण का इंतजार है।
प्लेऑफ मुकाबले में पुनेरी पल्टन ने जीत हासिल करते हुए तीसरा स्थान हासिल किया और हार का सामना करने वाली तेलुगू टाइटंस की टीम को चौथा स्थान हासिल हुआ।
गाचीबावली स्टेडियम में मौजूद एक प्रशंसक सुदर्शन ने आईएएनएस को बताया, “लीग कब शुरू होकर खत्म हुई पता ही नहीं चला। अब अगले सीजन का इंतजार है और आशा है कि तेलुगू इसे जीतेगा।”
एक अन्य दर्शक ने कहा, “इसे देखने में काफी आनंद आता है। ऐसा लगता है कि टीम के साथ हम वहां टीम के साथ खेल रहे हैं। निश्चित तौर पर अगले सीजन का इंतजार है।”
सीजन-4 की शुरुआत जबरदस्त रही और इसके रोमांच का परिणाम यह रहा कि गाचीबावली स्टेडियम में सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबलों के लिए सारी टिकटें पहले ही बिक चुकी थीं।
जयपुर टीम के मालिक अभिषेक बच्चन को भी अगले सीजन का इंतजार है। अभिषेक भी दर्शकों से मिले प्यार और समर्थन से अभिभूत हैं। अभिषेक ने कहा, “टीम ने जीत के लिए अपना हर प्रयास किया और हम अगले संस्करण में और अधिक मजबूती तथा जज्बे के साथ वापसी करेंगे। इस लीग को दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है और यह इसे कभी न खत्म होने वाला सिलसिला बना देगा।”
पटना के कोच अर्जुन सिंह ने टीम की जीत पर कहा, “मैं टीम के समर्थकों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। ह मैच में हमें दर्शकों का भरपूर प्यार मिला। यह लीग बहुत बड़ा फैन बेस तैयार कर रहा है। यह इस खेल के लिए शानदार बात है।”
पटना की इस जीत का श्रेय प्रदीप नरवाल को ही जाता है, जिन्होंने टीम के लिए खिताबी मुकाबले में 16 अंक हासिल किए। अपने जबरदस्त खेल के कारण ही उन्हें टूर्नामेंट के ‘मोस्ट वैल्यूएबल प्लेअर’ के खिताब से नवाजा गया।
इस लीग में तेलुगू टाइटंस के कप्तान राहुल चौधरी सर्वश्रेष्ठ रेडर और पटना के ईरानी खिलाड़ी फाजेल अतराचली सर्वश्रेष्ठ डिफेंडर चुने गए।
प्रो कबड्डी के प्रशंसकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है और इस लीग के सह-संस्थापक एवं निदेशक चारू शर्मा का कहना है कि इसमें निश्चित तौर पर टीमों का विस्तार किया जाएगा। हालांकि, इसमें अभी थोड़ा समय लगेगा क्योंकि इसके लिए काफी चीजों को तय करना और इस पर विचार विमर्श करना बाकी है।
इस टूर्नामेंट में प्रायोगिक तौर पर शुरू हुए महिला कबड्डी चैलेंज का खिताब तेजस्विनी बाई की टीम स्टार्म क्वींस ने जीता। रविवार को हुए फाइनल मुकाबले में टीम ने ममता पुजारी की फायर बर्ड्स को 24-23 से मात देकर खिताबी जीत हासिल की।
चारू शर्मा का कहना है कि महिलाओं के पूर्ण रूप से एक लीग शुरू करने के मकसद से इस चैलेंज को एक ‘ब्लू प्रिंट’ के रूप में देखा जाएगा।
प्रो कबड्डी लीग की लोकप्रियता का नतीजा है कि इस साल अक्टूबर में भारत में कबड्डी विश्व कप का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें विश्व भर की 12 टीमें हिस्सा लेंगी। इसमें अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, आस्ट्रेलिया, ईरान, पोलैंड, पाकिस्तान, बांग्लादेश, कोरिया, जापान और केन्या शामिल है।
कुल मिलाकर सीजन-4 किसी भी मामले में सीजन-3 से कम नहीं रहा। कई मामलो में तो यह उससे आगे रहा। लीग के सौंदर्य और खेल के स्तर में दिनो-दिन इजाफा हो रहा है। यह लीग भारत के लिए कबड्डी का फैन बेस तैयार करने के साथ-साथ हर साल एक ऐसा बेंच स्ट्रेंथ तैयार कर रहा है, जो आने वाले दिनों में एशियाई खेलों से लेकर बहुत सम्भव है कि ओलम्पिक में भी देश का नाम रौशन करे।
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