भोपाल, 1 अगस्त (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया ने उच्च शिक्षा में सुधार लाने के मकसद से छात्रों से पाठ्यक्रम में सुधार और बदलाव के लिए सुझाव मांगे हैं। साथ ही शैक्षणिक कलेंडर का कठोरता से पालन करने की बात कही है।
राजधानी के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के 46वें स्थापना दिवस समारोह में सोमवार को उन्होंने कहा कि परीक्षा समय पर हो और परिणाम भी समय पर आए, शिक्षकों की उपस्थिति और विद्यार्थियों के शिक्षा का स्तर उच्च होना चाहिए।
पवैया ने आगे कहा कि प्रवेश प्रक्रिया और नियुक्ति में पारदर्शिता के साथ काम हो। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि परिवर्तन से गुणवत्ता में सुधार आता है। इसका आधार विद्यार्थियों की कक्षा से ही शुरू होना चाहिए।
पवैया ने कहा कि छात्रों और कर्मचारियों को अपनी बात रखने का नैसर्गिक अधिकार है, लेकिन शिक्षा का माहौल नहीं बिगड़ना चाहिए। उन्होंने छात्रों से पाठ्यक्रम में शिक्षण गुणवत्ता और परिवर्तन के लिए सुझाव भी मांगे।
उन्होंने कहा कि छात्र अपनी राय सीधे उनको भेज सकते हैं। पाठ्यक्रमों को रिवाइज करने का काम किया जाएगा। रोजगारमूलक शिक्षा की जरूरत है, कौशलयुक्त युवा तैयार करने का काम भी शुरू कर दिया गया है। साथ ही नैतिक शिक्षा देने की भी जरूरत है। अगले सत्र से प्रयास होगा कि यह भी पाठ्यक्रम में शामिल हो।
पवैया ने कहा कि शिक्षा और विद्या अलग-अलग है। शिक्षा पाठ्यक्रम का भौतिक ज्ञान है, जो डिग्री-डिप्लोमा दिलवाती है। वहीं विद्या विद्यार्थी को विद्यावान बनाकर अंतर शक्ति देती है। विद्यार्थी के व्यक्तित्व को तराशने का काम शिक्षकों को करना चाहिए। उनमें शिष्टाचार, आत्मविश्वास, सकारात्मक ऊर्जा का संचार होना चाहिए।
समारोह में कुलपति एम़ डी. तिवारी ने स्वागत भाषण दिया। शिक्षक संघ अध्यक्ष नीरजा शर्मा और कर्मचारी संघ अध्यक्ष सुधीर ठाकरे ने भी अपनी बात रखी।
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