तिरुवनंतपुरम, 3 अगस्त (आईएएनएस)। केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और वयोवृद्ध वामपंथी नेता वी. एस. अच्युतानंदन को बुधवार को राज्य में प्रशासनिक सुधार समिति (एआरसी) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। यह पद कैबिनेट मंत्री के स्तर का है। गत 16 मई को संपन्न राज्य विधानसभा चुनाव में वह राज्य के मुख्यमंत्री पद के दावेदार थे।
सबकी नजरें वर्ष 2006 से 2011 तक केरल के मुख्यमंत्री रहे इस 92 वर्षीय वरिष्ठ नेता पर लगी हैं कि वह इस पद को स्वीकार करेंगे या नहीं।
पिनाराई विजयन के वाम लोकतांत्रिक मोर्चा की ओर से मई में मुख्यमंत्री बनने के बाद अच्युतानंदन ने स्पष्ट रूप से कहा था कि जो उन्हें जानता है, उनमें से कोई भी यह नहीं कह सकता कि उन्हें किसी पद की ललक है।
पूर्व मुख्यमंत्री के करीबी सूत्रों का कहना है कि एक बार जब सरकार की अधिसूचना मिल जाएगी तब वह मीडिया से बात करेंगे। मंत्रिमंडल से इसे बुधवार को ही स्वीकृति मिली है।
यह पहला अवसर है जब पूर्व मुख्यमंत्री को प्रशासनिक सुधार समिति (एआरसी) का अध्यक्ष पद दिया गया है।
इससे पहले दो बार एआरसी की अध्यक्षता तत्कालीन मुख्यमंत्री ई.एम.ई. नंबूदरीपाद और ई. के. नयनार कर चुके हैं। इसके अलावा भारतीय सिविल सेवा के अधिकारी एम. के वेल्लोदी इसके अध्यक्ष रहे हैं, जिन्होंने राजनयिक के रूप में भी देश की सेवा की है।
एआरसी पद को अच्युताननंदन को मनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। गत विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत के बाद वह मुख्यमंत्री बनने के दावेदारों में थे।
बीते महीने केरल विधानसभा ने नियमों में संशोधन कर किसी विधायक को एआरसी अध्यक्ष नियुक्त करने का रास्ता साफ किया था। कांग्रेस ने इसका विरोध किया था।
अच्युतानंदन की प्रस्तावित नियुक्ति के खिलाफ केरल उच्च न्यायालय में याचिका भी दायर हुई है। मंगलवार को अदालत ने सरकार से मामले में तीन हफ्ते में हलफानामा दायर करने को कहा है।
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