नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर द्वारा अभिनेता आमिर खान पर किए गए हमले की आलोचना करते हुए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने कहा है कि मंत्री ने इसका संकेत दिया है कि ‘मोदी सरकार में क्या गलत है।’
माकपा ने अपने जर्नल पीपल्स डेमोक्रेसी में लिखा, “मंत्रिमंडल के एक प्रमुख पद पर होने के बावजूद पर्रिकर ने असहिष्णुता और कट्टरता को उगला, पाकिस्तान के खिलाफ झगड़ालू बयान दिया और सश बलों की छवि से समझौता किया।”
माकपा ने कहा कि पर्रिकर ने एक के बाद एक कट्टर टिप्पणियां कीं।
“उनका नवीनतम विवादास्पद बयान अभिनेता आमिर खान पर किया गया हमला है जिसमें उन्होंने कहा कि वह अभिमानी है और उसे सबक सिखाया जाना चाहिए।”
“आमिर खान के बारे में उनका यह बयान इस बात को लेकर था कि देश में बढ़ती असहिष्णुता के मद्देनजर आमिर खान ने यह टिप्पणी की थी कि उनकी पत्नी पूछ रही है कि क्या भारत में रहना सही होगा?”
“पर्रिकर ने इसके अलावा एक निजी ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी के खिलाफ अभियान चलानेवालों की सराहना की जिन्होंने कंपनी पर दवाब डाला कि वे आमिर खान की स्पांसरशिप रद्द कर दे।”
इसमें कहा गया, “ऐसा कर पर्रिकर ने ना सिर्फ उन लोगों के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई का समर्थन किया जो कथित ‘राष्ट्र विरोधी’ है, बल्कि धर्माध व्यक्तियों को प्रोत्साहित किया कि वे उनलोगों को सबक सिखाएं जो देशभक्ति के बारे में उनके हिंदुत्व ब्रांड से जुदा राय रखते हैं।”
इस संपादकीय में ध्यान दिलाया गया कि पिछले साल जून में पर्रिकर ने दावा किया कि भारतीय सेनाओं के लिए सम्मान में कमी आ गई है, क्योंकि इसे पिछले 40-50 साल से कोई लड़ाई नहीं लड़ी है।
मुखपत्र में कहा गया, “यह युद्धप्रिय रुख इस बात के खिलाफ है कि सेनाएं देश की रक्षा करने और शांति बनाए रखने के लिए है।”
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