बिहार विधानमंडल पहुंचा मिथिला का ‘पाग’ (फोटो सहित)

पटना, 4 अगस्त (आईएएनएस)। मिथिलालोक फाउंडेशन का ‘पाग बचाउ अभियान’ अब जोर पकड़ने लगा है। गुरुवार को बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के कई सदस्य ‘पाग’ पहनकर सदन में पहुंचे और कार्यवाही में हिस्सा लिया।

संस्था द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान को सभी वर्गो का साथ मिल रहा है और बड़ी संख्या में लोग इस अभियान से जुड़ रहे हैं। इस अभियान की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि विधानसभा और विधान परिषद के सदस्य नीरज कुमार, राम लषणराम रमण, विजय कुमार मिश्रा, विनोद नारायण झा सहित 10 से अधिक ‘माननीय’ पाग पहनकर सदन में पहुंचे। बिहार के मंत्री मदन मोहन झा भी पाग पहनकर सदन में बैठे दिखाई दिए।

बिहार विधानमंडल के इतिहास में यह पहला मौका है कि जब कई सदस्यों ने ‘पाग’ पहनकर सदन की कार्यवाही में हिस्सा लिया।

विधान पार्षद रामलषण राम ‘रमण’ कहते हैं कि ‘पाग’ पहनना मिथिला की पुरानी परंपरा है। उन्होंने कहा कि आज का दिन मिथिला के क्षेत्र के लिए गौरव की बात है कि उस क्षेत्र की पहचान को सिर पर धारण किए क्षेत्र के प्रतिनिधि सदन तक पहुंचे।

उन्होंने ‘पाग बचाउ अभियान’ की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह एक सफल अभियान है और इससे सभी वर्ग के लोग जुड़ रहे हैं।

एक लोकप्रिय दलित नेता की पहचान रखने वाले रमण ने कहा, “पाग मिथिला की सांस्कृतिक पहचान है और महाकवि विद्यापति की तस्वीरों में उनके सिर पर विराजित इस पाग को देखकर ही लोग समझ जाते हैं कि यह मिथिला से संबंधित हैं। सिर पर पाग पहनना मिथिला की सदियों पुरानी परंपरा है।”

टोपी और पगड़ी का मिश्रित रूप ‘पाग’ मिथिला की सांस्कृतिक पहचान है। मिथिलालोक फाउंडेशन ने देश की राजधानी दिल्ली से ‘पाग बचाउ अभियान’ की शुरुआत इसी साल फरवरी में कर चुका है। दिल्ली में रहने वाले मैथिली भाषी प्रवासियों ने आईटीओ इलाके में पाग मार्च किया था। तब से जगह-जगह पाग मार्च निकालने का सिलसिला जारी है।

उल्लेखनीय है कि मिथिला से बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले कांवड़िये भी इस वर्ष बाबा के दरबार में ‘पाग’ पहनकर पहुंच रहे हैं। इस मौके पर अभियान के तहत बजाप्ता ‘पाग कांवड़िया गीत’ की सीडी भी जारी की गई है।

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