नासा विमान ईंधन का इस्तेमाल आधा घटाने पर कर रहा शोध

वाशिंगटन, 6 अगस्त (आईएएनएस)। नासा ने पांच हरित तकनीकी सिद्धांतों पर काम करके अगले दशक तक विमानन उद्योग से उत्सर्जन में 75 प्रतिशत कमी लाने और विमान ईंधन का इस्तेमाल आधा घटाने का लक्ष्य रखा है।

इस सिद्धांत को नासा के परिवर्तकारी विमानकी अवधारणा कार्यक्रम के तहत दो साल के अध्ययन के लिए चुना गया है। इसकी जानकारी अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने शनिवार को दी।

पांच सिद्धांतों के तहत- ईंधन कोशिकाओं का विकल्प, 3-डी प्रिटिंग के जरिए बिजली के मोटर के उत्पादन में इजाफा, लीथिम बैट्रीज का ऊर्जा के संग्रह के लिए इस्तेमाल, उड़ान वाले विमानों के पंखों में नई यांत्रिकी से बदलाव, और हल्के एरोजेल पदार्थ का विमान के एंटीना के डिजायन और विकास में इस्तेमाल शामिल है।

ये पांच सिद्धांत हैं, जिससे नासा के हरित विमानन सेवा में ईंधन में आधे, हानिकारक उत्सर्जन में 75 फीसद और वायुयान की आवाज में कमी लाई जाएगी।

इस कार्यक्रम के प्रबंधक डॉयग रोन ने कहा, “हमारे ऊपर निश्चित तौर पर नासा की आगे की गतिविधियों में विमानन के लक्ष्यों के लिए कॉर्बन फुटप्रिंट को 21वीं शताब्दी में कम करने का जोर था।”

हालांकि इन अध्ययनों का तकनीकी तौर पर इस्तेमाल किए जाने की कोई गारंटी नहीं है। लेकिन शोधकर्ताओं के इस अध्ययन से भविष्य में हरित विमानन की अवधारणा के लिए सूचनाएं मिल सकेंगी।

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