टोक्यो, 8 अगस्त (आईएएनएस)। जापान ने साल की पहली छमाही में चालू खाते में साल 2007 से लेकर अबतक रिकार्ड अधिशेष हासिल किया है, जिसका कारण कच्चे तेल के दाम में कमी, आयात में कमी और पर्यटन से राजस्व में हुई वृद्धि है।
जापानी वित्त मंत्रालय ने सोमवार को एक प्रारंभिक रपट में कहा है कि चालू खाता, जो अंतर्राष्ट्रीय व्यापार, सेवा और निवेश के देश में आने-जाने को दर्शाता है, में जनवरी से जून के दौरान 104 अरब डॉलर का अधिशेष है, जो पिछले साल के मुकाबले 31.3 फीसदी ज्यादा है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, फुकुशिमा परमाणु दुर्घटना के बाद से ही जापान ऊर्जा के आयात पर काफी अधिक आश्रित है। क्योंकि इसके कारण नागरिकों की सुरक्षा के मद्देनजर देश के अधिकांश वाणिज्यिक परमाणु रिएक्टरों को बंद कर दिया गया।
रपट के मुताबिक, चालू खाते का मुख्य घटक माल व्यापार में साल की पहली छमाही में 2350 अरब येन की बचत हुई है, जबकि पिछले साल इसी समयावधि में 375.4 अरब येन का घाटा हुआ था।
सेवा क्षेत्र में जिसमें यात्री परिवहन और माल ढुलाई शामिल है, में छह महीनों में 209.9 अरब येन का घाटा हुआ है, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में यह घाटा 933.3 अरब येन था।
जून महीने में जापान के चालू खाते में 974.4 अरब येन का अधिशेष रहा है। यह बढ़त लगातार पिछले 24 महीनों से जारी है।
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