2018 में वाम मोर्चा को त्रिपुरा से उखाड़ फेंकेंगे : ममता (लीड-1)

अगरतला, 9 अगस्त (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने त्रिपुरा के पिछड़ेपन के लिए माणिक सरकार के नेतृत्व वाली मार्क्‍सवादी सरकार को मंगलवार को जिम्मेदार ठहराया और विकास का मुद्दा उठाते हुए कहा कि राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस सत्ता हासिल करेगी।

वर्ष 2018 के त्रिपुरा विधानसभा चुनाव अभियान का बिगुल बजाते हुए ममता ने इस पूवरेत्तर राज्य में पश्चिम बंगाल में उनकी सरकार द्वारा शुरू की गई विकास परियोजनाओं का डंका पीटा।

तृणमूल अध्यक्ष ने कहा कि पूरा बंगाल माकपा को सत्ता से बेदखल करने में जुट जाएगा।

विवेकानंद स्टेडियम में उपस्थित एक जनसमूह को संबोधित करते हुए ममता ने कहा, “त्रिपुरा और बंगाल बहनें हैं और उनका कल्याण आपस में जुड़ा है। यहां लोग मुझसे त्रिपुरा को बचाने की गुहार करते रहे हैं। मैं सही अवसर की प्रतीक्षा कर रही थी। अब हमारे पास एक शानदार टीम है, जो जनता के लिए काम करेगी।”

ममता ने कहा, “मैं बार-बार त्रिपुरा आऊंगी और मेरा पूरा पार्टी नेतृत्व मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की अगुवाई वाली वाम मोर्चा सरकार को हराने में पार्टी के त्रिपुरा नेतृत्व का साथ देगा। पूरा बंगाल माकपा को सत्ता से बेदखल करने में त्रिपुरा का साथ देगा।”

उन्होंने कहा, “मैं यहां आपको यह बताने आई हूं कि हम यहां जनता के लिए काम करने के लिए आए हैं। मैं आपको बताना चाहती हूं कि 2018 में हम यहां जीत का जश्न मनाएंगे।”

त्रिपुरा के अपने समकक्ष माणिक सरकार पर हमला बोलते हुए ममता ने वाम मोर्चा पर विकास को नजरअंदाज करने और हिंसा फैलाने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, “आप (वाम मोर्चा) यहां 23 वर्षो से सत्ता में हैं, लेकिन आपने क्या किया है? यहां न अस्पताल हैं, न उद्योग, न शिक्षक और न ही विश्वविद्यालय।”

कांग्रेस के ज्यादातर विधायकों के शामिल होने के बाद त्रिणमूल अब त्रिपुरा में प्रमुख विपक्षी पार्टी बन गई है।

ममता ने कहा, “आपने साजिश करने, हिंसा फैलाने, अफवाहें फैलाने और झूठे वादे करने के अलावा और कुछ नहीं किया। यहां बेरोजगारी है, महंगाई है और चिटफंड हैं।”

ममता ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा।

तृणमूल अध्यक्ष ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा चिटफंड घोटाले में तृणमूल के कई दिग्गज नेताओं को गिरफ्तार करने और उनसे पूछताछ करने की ओर इशारा करते हुए कहा, “भाजपा केवल दंगे और सांप्रदायिक तनाव भड़काना जानती है। वह दुस्प्रचार करना और केंद्रीय एजेंसियों को हमारे खिलाफ इस्तेमाल करना जानती है।”

वाम मोर्चा सबसे पहले 1978 में त्रिपुरा में सत्ता में आई थी, लेकिन 1988 में वह कांग्रेस से हार गई। पार्टी 1993 में राज्य की सत्ता में लौटी थी और तब से वह राज्य में सत्तारूढ़ है।

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