नई दिल्ली, 8 अगस्त (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन के मामले में मंगलवार को लगभग छह घंटे तक पूछताछ की।
ईडी ने पाया है कि वीरभद्र सिंह ने अपने तथा अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर 6.03 करोड़ रुपये की संपत्ति इकट्ठा की, जो साल 2009-11 में केंद्रीय इस्पात मंत्री रहने के दौरान उनकी आय के ज्ञात स्रोत से अधिक है।
ईडी के एक अधिकारी ने पहचान जाहिर न करने की शर्त पर कहा, “प्रतिभा सिंह से 50 से अधिक सवाल पूछे गए, जिनमें से अधिकांश सवाल दिल्ली की एक पॉश कॉलोनी में एक फ्लैट की खरीदारी सहित संपत्तियों को खरीदने के लिए पैसों के स्रोत से संबंधित थे।”
अधिकारी ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो उनसे फिर पूछताछ होगी।
ग्रेटर कैलाश-1 में एक फ्लैट कथित तौर पर वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह के नाम पर है।
केंद्रीय मंत्री रहने के दौरान भ्रष्टाचार का आरोपी बनाए जाने के बाद वीरभद्र के खिलाफ जांच शुरू हुई थी। उन्होंने हालांकि आरोपों का खंडन किया है।
पत्नी व बच्चों के नाम बेहिसाब संपत्ति के बारे में वह जून महीने में दो बार केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की पूछताछ का सामना कर चुके हैं।
सीबीआई के सूत्रों ने दावा किया है कि उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि उन्होंने कुछ संपत्तियों को खरीदने के लिए अपने पिता से पैसे लिए थे।
ईडी ने सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायलय से कहा था कि वह प्रतिभा सिंह को धन शोधन के मामले की जांच के सिलसिले में पूछताछ के दौरान गिरफ्तार नहीं करेगा।
एजेंसी ने कहा था कि उनका बयान दर्ज करने के बाद जब ईडी इस बात को लेकर संतुष्ट हो जाएगी कि उनके खिलाफ मामला बनता है, तब उन्हें गिरफ्तार करने से पहले वह न्यायालय को सूचना दे देगी।
प्रतिभा सिंह ने सुनवाई की अगली तारीख 24 अगस्त तक के लिए गिरफ्तारी न करने की मांग को लेकर एक याचिका दायर की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने ईडी को एक नोटिस जारी करते हुए उससे जवाब मांगा था।
प्रतिभा ने धन शोधन मामले में सह आरोपी जीवन बीमा निगम के एजेंट आनंद चौहान की गिरफ्तारी के मद्देनजर, गिरफ्तारी से बचने के लिए याचिका दायर की थी।
ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत नौ जुलाई को चौहान को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया था। मामले में यह पहली गिरफ्तारी है, जिसमें हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री आरोपी हैं।
ईडी तथा सीबीआई ने चौहान को वीरभद्र सिंह के पांच करोड़ रुपये के काले धन को वीरभद्र सिंह तथा उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह सहित परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर एलआईसी पॉलिसी में निवेश करने का आरोपी बनाया है।
उच्च न्यायालय ने 26 अप्रैल को कहा था कि धन शोधन के मामले में वीरभद्र सिंह के दोनों बच्चों की कुछ संपत्ति की कुर्की का ईडी का अस्थायी आदेश बरकरार रहेगा, लेकिन उनके खिलाफ बाकी कार्यवाही पर रोक रहेगी।
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