अलीराजपुर, 9 अगस्त (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश के अलीराजपुर स्थित चंद्रशेखर आजाद की जन्मस्थली भाबरा में मंगलवार को आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार में राज्य सरकार ने कोई कसर नहीं छोड़ी थी, पत्रकारों को वहां तक ले जाने के खास इंतजाम भी किए गए, मगर रूट बदल दि जाने के कारण पत्रकारों को लेकर चलीं बसें सभास्थल तक समय पर नहीं पहुंच पाईं। नतीजतन, कई पत्रकारों की टोली कार्यक्रम के कवरेज से वंचित रह गईं।
प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम के लिए राज्य सरकार ने मंगलवार को तमाम समाचार पत्रों में एक-एक पेज के विज्ञापन जारी किए थे, वहीं इस आयोजन के बेहतर कवरेज के लिए राजधानी भोपाल और इंदौर से वातानुकूलित बसों के जरिए पत्रकारों को भाबरा तक ले जाने का इंतजाम किया गया था। भोपाल से ले जाया गया पत्रकारों का दल तो सोमवार को ही इंदौर पहुंच गया था और उसे वहां होटल में ठहराया गया था।
इंदौर जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, भोपाल से आए पत्रकारों के दलों की दो बसें और इंदौर के पत्रकारों की एक बस सुबह छह बजे ही भाबरा के लिए रवाना हो गई थी, मगर पुलिस ने रूट बदल दिया। यह बस किसी तरह आजाद के स्मारक तक पहुंच पाईं। उस वक्त प्रधानमंत्री उसी स्थान पर थे, मगर अन्य बसों को स्मारक से लगभग पांच किलोमीटर दूर स्थित सभास्थल तक नहीं जाने दिया गया।
इसका नतीजा यह हुआ कि बसों के जरिए जनसंपर्क विभाग द्वारा ले जाए गए पत्रकार सभा में नहीं पहुंच पाए।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम और सभा को कवर करने गए पत्रकारों में प्रशासन और पुलिस के रवैए को लेकर खासी नाराजगी है। उनका कहना है कि प्रशासन को वह रास्ता निश्चित करना चाहिए था, जिससे उनकी बसें समय से सभास्थल पर पहुंच सकें।
अलीराजपुर में बारिश के चलते कई स्थानों पर जाम की स्थिति रही, नतीजतन बड़ी संख्या में जगह-जगह वाहन फंसे रहे और विभिन्न स्थानों से पहुंचे भाजपा समर्थक भी प्रधानमंत्री की सभा में शामिल नहीं हो पाए।
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