मुंबई : किडनी रैकेट में अस्पताल का प्रमुख, 4 चिकित्सक गिरफ्तार

मुंबई, 10 अगस्त (आईएएनएस)। किडनी रैकेट की जांच में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। मुंबई पुलिस ने पवई इलाके में स्थित प्रतिष्ठित एल.एच. हीरानंदानी अस्पताल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और चिकित्सा निदेशक सहित पांच चिकित्सकों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अस्पताल के सीईओ डॉ. सुजीत चटर्जी, चिकित्सा निदेशक डॉ. अनुराग नाईक और तीन अन्य चिकित्सकों प्रकाश शेट्टी, मुकेश शाह और मुकेश शेट्टी को मंगलवार देर रात गिरफ्तार किया गया। ये सभी किडनी की खरीद-बिक्री के अवैध कारोबार में संलिप्तता के आरोपी हैं।

अधिकारी ने कहा कि पवई पुलिस उन्हें रिमांड पर लेने के लिए अंधेरी के दंडाधिकारी की अदालत में पेश करेगी।

संपर्क करने पर हीरानंदानी समूह के आधिकारिक प्रवक्ता ने आईएएनएस से कहा कि आंतरिक जांच की जा रही है। उन्होंने जांच पूरी होने तक कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।

अस्पताल में पिछले माह सामने आए इस मामले में अब तक पांच चिकित्सकों सहित 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बाद में कुछ और संदिग्ध मामले सामने आए हैं। पुलिस पिछले एक साल में इस अस्पताल में हुए किडनी प्रत्यारोपण (ट्रांसप्लांट) के लगभग 30 मामलों की जांच कर रही है।

इस मामले का खुलासा होने के बाद महाराष्ट्र के स्वास्थ्य सेवा निदेशालय ने चिकित्सा विशेषज्ञों की एक समिति बनाई थी। उस समिति ने इस अस्पताल के किडनी प्रत्यारोपण के कम से कम चार मामलों में गड़बड़ी पाई थी।

कमेटी की जांच रपट के आधार पर पुलिस ने पांच चिकित्सकों को गिरफ्तार किया। यह 12 साल पुराना 240 बेड का प्रतिष्ठित अस्पताल है।

किडनी रैकेट की जानकारी 14 जुलाई को तब मिली थी, जब एक सामाजिक कार्यकर्ता, कुछ राजनीतिक कार्यकर्ताओं और एक मजदूर संगठन के सदस्यों ने बीच में ही किडनी ट्रांसप्लांट रोकवा दिया था, जिसमें किडनी दान करने वाले और लेने वाले फर्जी पति-पत्नी पाए गए थे।

बारीकी से छानबीन करने पर पुलिस ने बृजेंद्र बिसेन की पहचान की, जिसने दो अन्य बाहरी एजेंटों की सहायता से फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे।

संयोग से बृजेंद्र बिसेन वर्ष 2007 में भी तब गिरफ्तार हुआ था, जब नौ साल पहले किडनी बेचने और ट्रांसप्लांट करने वाले बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ था।

इस मौजूदा घोटाले में पुलिस ने बिसेन और फर्जी पति-पत्नी, जिसमें किडनी लेने वाला सूरत का कपड़ा व्यवसायी बृजकिशोर जायसवाल और किडनी दान देने वाली शोभा ठाकुर शामिल हैं, अस्पताल के अधिकारी नीलेश बृजकिशोर जायसवाल और अन्य सहित पहले कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया था। शोभा को किडनी के बदले व्यापारी ने 10 लाख रुपये देने का वादा किया था।

अभियुक्तों के खिलाफ मानव अंग प्रत्यारोपण कानून, 1994 की धारा 12 व 21 और भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।

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