नई दिल्ली, 10 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती ने गंगा किनारे के लोकसभा सदस्यों से अनुरोध किया है कि वे नमामि गंगे कार्यक्रम की सफलता के लिए अपना सक्रिय योगदान और सहयोग दें।
उमा ने यहां मंगलवार रात इन सांसदों के साथ अपने निवास पर एक बैठक में कहा कि नमामि गंगे कार्यक्रम में गंगा के सभी पहलुओं का ध्यान रखा गया है, जिनमें प्रदूषण निवारण, गंगा की अविरलता, जैव विविधता और उसके आसपास की वनस्पतियों का संरक्षण शामिल है।
भारती ने कहा, “विश्व बैंक ने भी हमारी इस योजना की यह कह कर प्रशंसा की है कि दुनिया में पहली बार किसी भी नदी के संरक्षण की योजना इतनी समग्रता के साथ तैयार की गई है।”
उमा ने कहा, “यदि मुझे प्रधानमंत्री जी से अनुमति मिल गई तो मेरी गंगोत्री से गंगासागर तक पदयात्रा करने की इच्छा है, ताकि मैं स्वयं प्रत्येक स्थान पर कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा कर सकूं, लोगों से हाथ जोड़कर विनती कर सकूं कि वे इस कार्यक्रम को सफल करने में अपना सहयोग दें।”
उन्होंने कहा, “सरकार नदी किनारे एसटीपी लगा देगी, घाट बना देगी, जीव-जंतुओं के एक बार संरक्षण की व्यवस्था कर देगी। सरकार का प्रयास तो एक बार होता है, लेकिन उस प्रयास की निरंतरता बनाए रखना जनता और समाज की जिम्मेदारी है।”
भारती ने कहा कि नमामि गंगे कार्यक्रम आजादी के बाद देशवासियों द्वारा गंगा में फैलाए गए प्रदूषण का प्रायश्चित है।
उन्होंने कहा, “मैं हमेशा बोलती हूं कि नमामि गंगे कार्यक्रम गंगा पर एहसान नहीं है, बल्कि आजादी के बाद गंगा नदी के साथ जो खिलवाड़ हुआ, गलत तरीके से औद्योगीकरण और शहरीकरण हुआ, जिससे कि गंगा मैली हुई, यह उस पाप का प्रायश्चित है जो हम करेंगे और आने वाली पीढ़ियों को एक निर्मल गंगा अमूल्य धरोहर के रूप में सौंप कर जाएंगे।”
उन्होंने कहा कि हम गंगा किनारे के प्रत्येक गांव के सींचेवाल मॉडल पर विकास पर आरंभ में आठ-आठ लाख रुपये खर्च करेंगे। मंत्री ने कहा, “गंगा किनारे के लगभग 400 गांवों ने सींचेवाल मॉडल पर अपने विकास की तैयारी शुरू कर दी है। झारखंड में तो गंगा किनारे के सभी गांव इस प्रक्रिया में शामिल हैं। इसमें गांवों को निर्मल करने के अलावा उनका सौन्दर्यीकरण भी शामिल होगा।”
उमा ने कहा कि सात जुलाई को नमामि गंगे की लगभग 250 परियोजनाएं देश भर में शुरू की गईं। उन्होंने कहा कि अभी ऐसी 1000 परियोजनाएं कतार में हैं।
बैठक में केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण राज्य मंत्री डॉ. संजीव कुमार बलियान, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति और केंद्रीय मानव संसाधन राज्य मंत्री डॉ.महेन्द्र नाथ पांडे सहित कई सांसदों ने हिस्सा लिया।
इससे पहले राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के प्रमुख रजत भार्गव ने नमामि गंगे कार्यक्रम की प्रगति के बारे में सांसदों के समक्ष एक विस्तृत पॉवर पॉइंट प्रजेंटेशन दिया।
dharmpath.com dharmpath