नई दिल्ली, 10 अगस्त (आईएएनएस)। आईएमए के पदाधिकारियों और डॉक्टर सांसदों की पहली बार संयुक्त बैठक हुई, जिसमें फैसला किया गया कि डॉक्टर सांसद और आईएमए समाज के लिए लाभाकारी नीतियां बनाने, ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सकों की कमी और चिकित्सकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा के मामलों को रोकने के लिए मिल कर काम करेंगे।
आईएमए के अध्यक्ष डॉ. एस.एस. अग्रवाल ने कहा कि इस पहल का मकसद देश के दूर दराज के क्षेत्रों तक किफायती, सहज सुलभ और उच्च गुणवत्ता वाली और सुरक्षित स्वास्थय सेवाएं पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि आईएमए अपने सभी 2.75 लाख सदस्यों से अपील करेगा कि वे हर महीने की नौ तारीख को महिलाओं को मुफ्त प्रसवपूर्व सलाह प्रदान करें।
डॉक्टर सांसद फोरम के कोआर्डिनेटर डॉ. संजय जैसवाल ने कहा कि सभी पार्टियों के डॉक्टर सांसदों ने मिल कर बेहतर स्वास्थ्य नीतियों के लिए काम करने का फैसला किया है।
आईएमए के मानद महासचिव डॉ. के.के. अग्रवाल ने कहा कि सांसद और आईएमए डॉक्टरों की साझी सोच के प्रतिनिधि हैं और दोनों की ही न सिर्फ आम लोगों के प्रति जिम्मेदारियां है, बल्कि अपने पेशे के प्रति भी।
डॉ. धर्मवीर गांधी, डॉ. के. कामराज, डॉ. महेश शर्मा, डॉ. मृगंका महतो, डॉ. नरसयहा बूरा गौद, डॉ. प्रीतम गोपीनाथ मुंडे, डॉ. श्रीकांत एकनाथ शिंदे, डॉ. सोलंकी कीर्ति भाई, डॉ. विकास महात्मे, डॉ. वी. मैत्रेयन, डॉ. यशवंत आदि सांसदों ने बैठक में भाग लिया।
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