रांची, 11 अगस्त (आईएएनएस)। अपने घर में घरेलू सहायिका के तौर पर कार्यरत 13 साल की एक नाबालिग जनजातीय लड़की को प्रताड़ित करने के आरोप में झारखंड के पुलिस के एक अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
सीआईडी अधीक्षक जय राय की प्राथमिक जांच के आधार पर रांची में अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) में कार्यरत पुलिस इंस्पेक्टर उमेश ठाकुर को निलंबित कर दिया गया।
प्रताड़ना का यह मामला सोमवार को प्रकाश में आया, जब खबरों में कहा गया कि ठाकुर, उनकी पत्नी और रिश्तेदार ने नाबालिग की न केवल जघन्य तरीके से पिटाई की, बल्कि उसे लोहे की गर्म छड़ से दागा भी।
स्थानीय मीडिया में इस प्रकरण का खुलासा होने के बाद से ठाकुर और उनके परिवार के सदस्य लापता हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ठाकुर और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।
झारखंड उच्च न्यायालय ने बुधवार को नाबालिग लड़की के लिए मुआवजे के तौर पर 25,000 रुपये देने का निर्देश दिया।
मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त को होगी।
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