नई दिल्ली, 12 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि अगर दुर्भाग्यपूर्ण एएन-32 हादसे को छोड़ दें, तो बीते 24 महीनों के दौरान भारतीय वायु सेना के विमान से संबंधित दुर्घटना में किसी की भी जान नहीं गई।
बंगाल की खाड़ी में बीते 22 जुलाई को एएन-32 के लापता होने के बारे में सरकार ने कहा कि ऐसा लगता नहीं कि हादसे में कोई जीवित बचा हो सकता है।
प्रश्नकाल के दौरान दुष्यंत चौटाला (इंडियन नेशनल लोकदल) के पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि बीते 24 महीनों के दौरान वायु सेना से संबंधित विमान हादसे में किसी की भी जान नहीं गई और एएन-32 हादसा एक अपवाद है।
उन्होंने चौटाला से कहा कि आठ जून, 2015 को लापता हुआ डॉर्नियर विमान तट रक्षक का था।
पर्रिकर ने सदन में कहा कि 2013-14 के दौरान भारतीय वायु सेना के सात विमान तथा 2014-15 के दौरान 10 विमान तथा 2015-16 के दौरान छह विमान हादसे का शिकार हुए।
रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि सैन्य विमानों के अपग्रेड और आधुनिकीकरण से संबंधित कोई भी फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा तथा खतरे पर निर्भर करता है।
पर्रिकर ने कहा, “यह अनवरत प्रक्रिया है।”
सदन के उपाध्यक्ष एम.थंबीदुरई ने एएन-32 की तलाश के बारे में जानना चाहा, जिसपर रक्षा राज्य मंत्री सुभाष रामराव भामरे ने कहा, “जिस जगह पर दुर्घटना हुई है, वहां समुद्र बेहद गहरा है। हादसे में किसी के जिंदा बचने की संभावना न के बराबर है।”
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