अपनी मां को पिटता देख उसे बचाने के लिए जब 12 वर्षीय उसका बेटा आया तो दबंगों का कहर उस पर भी टूट पड़ा।
दबंगों ने बच्चे को इस कदर बेरहमी से पीटा कि उसकी रीढ़ की हड्डी में गहरी चोट आई। पीड़िता ने इसकी शिकायत 100 नंबर डायल कर पुलिस को दी। लेकिन पुलिस मौके पर झांकने तक नहीं आई।
जब पीड़िता के पड़ोसी ने थाना प्रभारी के सीयूजी नंबर पर फोन कर घटना की जानकारी दी, तब भी उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। तब पड़ोसी ने अपट्रॉन चौकी के दीवान को फोन किया। उन्होंने ही एक सिपाही को मौके पर भेजा।
आरोप है कि सिपाही पारसनाथ वर्मा मौके पर गया और बीडीसी सदस्य से सांठगांठ कर पीड़िता को ही जेल भेजने की धमकी दे दी।
खाकी की करतूत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गंभीर रूप से खून से लथपथ घायल महिला तड़पती रही, सिपाही उसे अस्पताल ले जाने के बजाय मामले को ‘मैनेज’ करने में लगा रहा।
पीड़िता ने जब इसकी शिकायत एसएसपी से करने की बात कही तो पुलिस ने पड़ोसी की मदद से उसे एक प्राइवेट क्लीनिक में ले जाकर मरहम पट्टी कराकर चलता कर दिया। बीडीसी सदस्य पर कार्रवाई न होने पर पीड़िता ने एसएसपी के आवास पर जाकर न्याय की गुहार लगाई है।
चिनहट थाना क्षेत्र के तिकोनिया गांव में रहने वाली चंद्रकली रावत (46) शनिवार सुबह अपने घर के पास सरकारी नल पर पानी भरने के लिए गई थी। आरोप है उसका पड़ोसी जगदीश कुमार बीडीसी सदस्य है। उसने नल पर पानी भरने से मना किया और बाल्टी उठाकर फेंक दी।
महिला के विरोध करने पर जगदीश ने अपने पुत्र अनिल और उसकी पत्नी सावित्री की मदद से पीड़िता को दौड़ा-दौड़ाकर लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान अनिल ने महिला के ऊपर लोहे की रॉड से हमला कर दिया, जिससे उसका सिर फट गया और वह लहूलुहान होकर गिर गई।
मां को पिटता देख जब उसका 12 साल का लड़का दिलीप बचाने गया तो दबंगों ने उसकी भी बेरहमी से पिटाई कर दी। पिटाई से दिलीप की रीड की हड्डी में गंभीर चोट आई है।
पीड़िता के मुताबिक, उसने 100 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। लेकिन पुलिस मौके पर नहीं आई। महिला के पड़ोसी ने मदद करते हुए चौकी के दीवान कमलेश यादव को फोन किया तो उन्होंने सिपाही पारसनाथ वर्मा को मौके पर भेजा। आरोप है कि सिपाही पारसनाथ ने जगदीश से कुछ रुपये लेकर उल्टा पीड़िता को धमकाना शुरू कर दिया।
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