श्रीनगर, 14 अगस्त (आईएएनएस)। कश्मीर घाटी में अलगाववादी संगठन हुर्रियत कांफ्रेंस के मार्च के आह्वान को प्रशासन ने नाकाम कर दिया। सुरक्षा बलों और मार्च निकालने की कोशिश कर रहे लोगों के बीच हिंसक झड़प में कई लोग घायल हो गए।
श्रीनगर, 14 अगस्त (आईएएनएस)। कश्मीर घाटी में अलगाववादी संगठन हुर्रियत कांफ्रेंस के मार्च के आह्वान को प्रशासन ने नाकाम कर दिया। सुरक्षा बलों और मार्च निकालने की कोशिश कर रहे लोगों के बीच हिंसक झड़प में कई लोग घायल हो गए।
प्रदर्शनकारी श्रीनगर के केंद्र में स्थित लाल चौक जाना चाह रहे थे, लेकिन पुलिस ने कर्फ्यू लगाकर पूरे इलाके को सील कर दिया। इसके साथ ही पूरी घाटी में बेहद कड़े प्रतिबंध लगा दिए गए।
पुलिस ने बताया कि घाटी के अधिकांश इलाकों में स्थिति शांतिपूर्ण है।
उधर, एक पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि श्रीनगर, अनंतनाग, शोपियां, अवंतीपुरा, बारामूला, सोपोर, अचाबल और बांदीपुरा से पथराव की कई घटनाओं की खबर मिली है।
बांदीपुरा में उस वक्त बड़े पैमाने पर झड़प हुई जब युवाओं ने शहर के गुलशन चौक पर पाकिस्तानी झंडा फहरा दिया। रविवार को पाकिस्तान ने अपना स्वतंत्रता दिवस मनाया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कर्फ्यू के बावजूद बड़ी संख्या में युवा शहर के मुख्य चौराहे पर एकत्र होने में कामयाब रहे।
जब इन्होंने नुसू स्थित शहीदों की कब्रिस्तान की तरफ मार्च करने की कोशिश की तो बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों और अर्धसैन्य बलों ने उन्हें रोका और उन पर आंसू गैस के गोले दागे। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों में बड़े पैमान पर झड़प हुई।
स्थानीय लोगों ने बताया कि बडगाम जिले में प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों की फायरिंग में तीन युवा गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं।
बडगाम के दहरमुआन और सोईबुघ इलाके में 13-14 अगस्त की रात कुछ युवाओं ने पाकिस्तानी झंडे फहराए थे।
सुरक्षाकर्मियों ने रविवार को ऐसे सभी झंडों को नीचे उतार दिया। एक स्थानीय निवासी ने बताया कि ‘जब सुरक्षाबल झंडों को कुचल रहे थे, उसी समय युवकों ने पथराव शुरू कर दिया जिसका सुरक्षा बलों ने जवाब दिया।’
कहा जा रहा है कि सुरक्षा बलों ने फायरिंग की जिससे तीन लोग घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि त्राल कस्बे में महिलाओं के एक मार्च को नाकाम बनाने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले फेंके। इससे कई महिलाएं घायल हो गईं जिनमें अलगाववादी महिला संगठन दुख्तराने मिल्लत की अध्यक्ष आसिया अंद्राबी भी शामिल हैं। महिलाएं भारत विरोधी और पाकिस्तान समर्थक नारे लगा रही थीं। उनके हाथों में पाकिस्तानी झंडे भी थे।
हुर्रियत कांफ्रेंस के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी अपने हैदरपुरा स्थित आवास पर उस वक्त धरने पर बैठ गए जब उन्हें श्रीनगर के लाल चौक के लिए मार्च करने से रोका गया।
हुर्रियत कांफ्रेंस के एक अन्य धड़े के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक ने घर में अपनी नजरबंदी तोड़कर लाल चौक तक मार्च निकालने की कोशिश की। सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें उनके घर के बाहर गिरफ्तार कर लिया। उन्हें निगीन के एक पुलिस स्टेशन में रखा गया है।
8 जुलाई को सुरक्षा बलों के हाथों आतंकी कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद से ही घाटी में तनाव फैला हुआ है और जनजीवन ठप पड़ा हुआ है। हिंसा में अब तक 55 लोगों की मौत हो चुकी है।
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