रियो डी जनेरियो, 21 अगस्त (आईएएनएस)। लंदन ओलम्पिक में कांस्य पदक जीतने वाले भारतीय पहलवान योगेश्वर दत्त रियो ओलम्पिक के आखिरी दिन रविवार को पहले दौर का मुकाबला मंगोलियाई पहलवान मंदाखनारान गैंजोरिग के हाथों 0-3 से हार गए और पदक की दौड़ से भी बाहर हो गए।
गैंजोरिग अगर फाइनल तक पहुंचते तो योगेश्वर के कांस्य जीतने के अवसर होते, लेकिन गैंजोरिग अपना क्वार्टर फाइनल मुकाबला हार गए और इसके साथ ही योगेश्वर पदक की दौड़ से भी बाहर हो गए।
उल्लेखनीय है कि कुश्ती में रेस्क्यू रूल के तहत शुरुआती दौर में किसी पहलवान को हराने वाला पहलवान यदि फाइनल में प्रवेश कर लेता है तो हारने वाले पहलवान को रेपचेज मुकाबले खेलने का अवसर मिलता है, जिन्हें जीतकर उसके पास कांस्य पदक हासिल करने का मौका होता है। कुश्ती में दो कांस्य पदक प्रदान किए जाते हैं।
कैरियोका अरेना-2 के मैट-बी पर हुए फ्रीस्टाइल स्पर्धा के 65 किलोग्राम भारवर्ग के क्वालिफिकेशन राउंड के मुकाबले में योगेश्वर को मौजूदा एशियाई चैम्पियन गैंजोरिग ने 3-0 से हराया।
पहले पीरियड में योगेश्वर को चेतावनी मिली, फलस्वरूप गैंजोरिग की जेब में एक अंक चले गए। योगेश्वर शुरू से ही मुकाबले में अपने प्रतिद्वंद्वी से कमजोर नजर आए। विश्व चैम्पियनशिप में दो बार कांस्य पदक विजेता रह चुके गैंजोरिग की चुस्ती-फुर्ती का योगेश्वर के पास कोई जवाब नहीं था।
दूसरे पीरियड में योगेश्वर ने दांव लगाने की पुरजोर कोशिश की लेकिन गैंजोरिग ने उनके दांव को पलटते हुए दो अंक हासिल कर लिए।
योगेश्वर इसके बाद लाख कोशिशों के बावजूद कोई अंक हासिल नहीं कर सके और पहले राउंड से ही रियो ओलम्पिक से बाहर हो गए।
मुकाबले से गैंजोरिग को तीन क्लासिफिकेशन पॉइंट भी मिले, जबकि योगेश्वर को कोई अंक नहीं मिला।
पिछले साल एक रजत और एक कांस्य पदक लाने वाला भारतीय कुश्ती दल का रियो-2016 अभियान योगेश्वर की हार के साथ साक्षी मलिक के एकमात्र कांस्य पदक के साथ समाप्त हो गया।
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