कोट्टायम (केरल), 25 अगस्त (आईएएनएस)। केरल कांग्रेस (मणि) के प्रमुख के. एम. मणि ने गुरुवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) की आलोचना की और यह स्पष्ट कर दिया कि उनकी पार्टी का सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) में शामिल होना नहीं चाहती है।
यहां अपने घर पर संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने कहा, “हमें यह नहीं पता चल रहा है कि भाकपा इतनी बेचैन क्यों हो रही है। मुझे यह एकदम स्पष्ट कर लेने दें कि हम लोग एलडीएफ में घुसना बिल्कुल नहीं चाहते हैं।
बुधवार को भाकपा के शीर्ष नेताओं की बैठक में एलडीएफ में मणि के लिए कोई जगह होने को सिरे से खारिज कर दिया था।
इसी माह कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) से अलग हुई मणि कांग्रेस को एलडीएफ में प्रवेश मिलेगा, इन अटकलों के खिलाफ भाकपा बार-बार खुले तौर पर मीडिया में आ रही है। ऐसा तब भी हो रहा है जब मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व वाले इस मोर्चे में शामिल भाकपा राज्य सचिव कोडियेरी बालाकृष्णन ने पार्टी के एक पत्र में लिखे लेख सहित इस बात के पर्याप्त संकेत दिए हैं कि मणि पर विचार किया जा सकता है।
मणि ने कहा, “हम पैसे के लिए संसद की अपनी सीट बेचने वाली पार्टी भाकपा से राजनीतिक आचार-विचार सीखना नहीं चाहते। हमलोग खुद अपने बल पर सक्षम हैं।”
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व वाले एलडीएफ में भाकपा दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है।
मणि 1982 में गठित कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ के संस्थापक सदस्य रह चुके हैं।
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