नई दिल्ली, 3 सितम्बर (आईएएनएस)। मीडिया में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक 40 वर्षीय महिला से कथित दुष्कर्म करने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने रकाबगंज गुरुद्वारा के एक वरिष्ठ कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया है।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के एक पदाधिकारी के घनिष्ठ सहयोगी भूपिंदर सिंह को दिल्ली पुलिस ने 29 अगस्त को गिरफ्तार किया था।
सिंह को 30 अगस्त को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने उसे 13 सितम्बर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
दर्ज शिकायत के अनुसार, सिंह रकाबगंज गुरुद्वारा में कार्यरत था और नौकरी दिलाने के बहाने शिकायतकर्ता महिला से 2-3 लाख रुपये भी ऐंठ लिए थे।
महिला ने पुलिस से कहा कि वह सिंह को गत दो वर्षो से जानती है।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि सिंह ने न तो नौकरी दिलाई और न ही पैसे लौटाए।
महिला ने अपनी शिकायत में कहा कि गत 28 अगस्त को सिंह ने उसे संदेश भेजा और पहाड़गंज के भरतनगर स्थित एक दफ्तर में बुलाया।
जब महिला वहां पहुंची तब सिंह ने कहा कि उन्होंने उसके (महिला) लिए एक नौकरी ठीक कर दी है और वह अगले दिन से काम शुरू कर सकती है।
इसके बाद सिंह ने महिला को दफ्तर के निकट अपने मित्र के कमरे में ले गया।
प्राथमिकी में कहा गया, “दोपहर बाद करीबी एक बजे वह मुझको अपने मित्र के घर में शयनकक्ष में ले गया और मेरे साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी। जब मैंने विरोध किया, तो सिंह ने कहा कि उसकी नौकरी सिर्फ तब पक्की होगी, जब वह उसके(सिंह) साथ शारीरिक संबंध बनाएगी। इसके बाद उसने दुष्कर्म किया।”
महिला ने आरोपी के खिलाफ पहाड़गंज पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने 29 अगस्त को सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
शिरोमणि अकाली दल, दिल्ली के अध्यक्ष और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) के पूर्व प्रमुख परमजीत सिंह सरना ने शनिवार को भूपिंदर सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
सरना ने आईएएनएस से कहा, “डीएसजीएमसी के सलाहकार कुलमोहन सिंह के सहयोगी भूपिंदर सिंह के कर्म से गुरुद्वारा की छवि खराब हुई है। उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।”
dharmpath.com dharmpath