लंदन, 6 सितम्बर (आईएएनएस)। क्या आपको गूगल ग्लास की याद है? अब प्रसिद्ध फोटो शेयरिंग मोबाइल सेवा स्नैपचैट कथित तौर पर ऑगमेंटेंड रियलिटी (एआर) क्षेत्र में प्रवेश करने जा रही है।
स्नैपचेट इसके लिए ब्ल्यूटूथ स्पेशल इंटेरेस्ट समूह (एसआईजी) में शामिल हुई है, जो ब्ल्यूटूथ वायरलैस स्टैंडर्ड को संभालती है। किसी भी हार्डवेयर उपकरण में ब्ल्यूटूथ का प्रयोग करने से पहले इस समूह में शामिल होना अनिवार्य है।
फाइनैंशियल टाइम्स के मुताबिक, स्नैपचैट के सॉफ्टवेयर कंपनी से हार्डवेयर कंपनी में बदलने से इस अनुमान को हवा मिली है कि वह एआर वेयरेवल डिवाइस पर काम कर रही है (जैसे गूगल ग्लास)।
वर्चुअल रियलिटी में जहां प्रयोक्ता वास्तविक दुनिया से पूरी तरह कट जाता है, वहीं ऑगमेंटेड रियलिटी में ऐसा नहीं होता। इसमें वह आभासी दुनिया और वास्तविक दुनिया में एक साथ रह सकता है।
टेक क्रंच की रपट में मंगलवार को कहा गया है, “स्नैपचैट ब्ल्यूटूथ एसआईजी की सदस्य बनी है, जो अपने सदस्यों को ब्ल्यूटूथ डिवाइस बनाने का लाइसेंस जारी करती है।”
स्नैपचैट ने इसके अलावा स्टार्ट-अप वेरगेंस लैव का अधिग्रहण किया है, जो गूगल ग्लास की तरह ही हेडसेट के विकास में जुटी है।
स्नैपचैट के फिलहाल 15 करोड़ सक्रिय प्रयोक्ता हैं।
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