ईटानगर, 13 सितंबर (आईएएनएस)। अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल पद से हटाए जाने के अगले दिन मंगलवार को जे.पी. राजखोवा ने कहा कि उन्होंने जनवरी में राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश नहीं की थी।
राज्य की जनता को अपने विदाई संदेश में उन्होंने इसे स्पष्ट करने के लिए कहा कि प्रधानमंत्री और उनकी अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की अनुशंसा पर संविधान के अनुच्छेद-356 के तहत राष्ट्रपति शासन लगाया गया था।
उन्होंने कहा, “मैं यह स्पष्ट करना चाहूंगा कि राष्ट्रपति शासन केवल राज्यपाल की रिपोर्ट पर नहीं लागू किया गया था। प्रधानमंत्री और उनकी अध्यक्षता वाले केंद्रीय मंत्रिमंडल और समुचित ढंग से आकलन और दिमाग का उपयोग के बाद राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत अपना शासन लागू करने का निर्णय लिया।
पूर्व राज्यपाल ने कहा, “मैं यह पूरी तरह स्पष्ट करना चाहूंगा, ताकि मुझे लोकतंत्र विरोधी समझकर कोई गलतफहमी का शिकार न हो। कुछ लोग मुझ पर ऐसा आरोप लगा रहे हैं। मैंने कभी ऐसी संस्तुति नहीं की कि अरुणाचल प्रदेश में 26 जनवरी से राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए।”
राजखोवा ने कहा, “वर्ष 2016 के गणतंत्र दिवस को राष्ट्रपति शासन लगाए जाने और उसके बाद 19 फरवरी, 2016 को उसे समाप्त करने की परिस्थितियों पर मैं कोई टिप्पणी करना पसंद नहीं करूंगा, क्योंकि पूरा मामला संवैधानिक वैधता का है। राष्ट्रपति शासन पर अब सर्वोच्च न्यायालय की पांच सदस्यीय संविधान पीठ को निर्णय लेना है। इस पीठ को कुछ पक्षों द्वारा दायर सिविल आवेदन पर भी फैसला लेना और आदेश जारी करना है।”
राज्यपाल के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान अपने रुख को उचित ठहराते हुए राजखोवा ने कहा कि बहुत सारे मामलों में पहले सर्वोच्च न्यायालय राज्यपालों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश जारी कर चुका है, लेकिन इस मामले में नहीं।
उन्होंने कहा, “मौजूदा मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने राज्यपाल के रूप में मुझ पर ऐसी कोई निंदात्मक या नीचा दिखाने वाली टिप्पणी नहीं की है। अदालत ने मुझ पर किसी राजनीतिक दल के प्रति पूर्वाग्रह से ग्रस्त होने या किसी के साथ पक्षपात करने का भी दोष नहीं लगाया है।
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने सोमवार को एक आदेश जारी कर राज्यपाल पद से राजखोवा को हटाकर मेघालय के राज्यपाल वी. शानमुगनाथन को अरुणाचल प्रदेश का अतिरिक्त प्रभार दे दिया था।
इस बीच राज्यपाल वी. शानमुगनाथन मंगलवार को ईटानगर पहुंचे और संभवत: बुधवार को प्रभार ग्रहण करेंगे। राज्य के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री तांगा ब्यालिंग, मुख्यसचिव शकुंतला गामलिन एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने मनोनीत राज्यपाल का नाहरलागन हैलीपैड पर स्वागत किया।
dharmpath.com dharmpath