केरल में ओणम साद्या की धूम

तिरुवनंतपुरम, 14 सितम्बर (आईएएनएस)। ओणम कैलेंडर का सबसे महत्वपूर्ण दिन तिरु ओणम है। पूरे केरल में 26 तरह के शाकाहारी व्यंजन बनाकर बुधवार को यह त्योहार मनाया जा रहा है। इन्हीं 26 व्यंजनों को ‘साद्या’ के नाम से जाना जाता है। इस अवसर पर बहुत सारे लोग मंदिर गए और उन्होंने पूजा-अर्चना की। इस अवसर के लिए मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया है।

ओणम लगभग पूरे राज्य में राजा महाबली के सम्मान में मनाया जाता है। माना जाता है कि वह परलोक से हर साल अपने इस राज्य को देखने आते हैं।

मुख्यमंत्री पिनरई विजयन सामान्यतया आज के दिन अपने गृह नगर कन्नूर जाते हैं। उन्होंने अपने परिवार के साथ यहां ओणम मनाया, क्योंकि उनका दो हफ्ते का आयुर्वेदिक इलाज चल रहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी और उनकी पत्नी ने यहां रिजनल कैंसर सेंटर के मरीजों के साथ साद्या त्योहार मनाया।

साद्या के सभी 26 व्यंजन केले के पत्ते पर परोसे जाते हैं।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बुधवार को केरल वासियों को ओणम की बधाई दी।

राज्य के मध्य जिलों के कुछ लोगों ने कहा कि वे लोग आर्थिक कारणों से ओणम नहीं मना रहे हैं। इस क्षेत्र को रबर के पौधों के लिए जाना जाता है।

कोट्टायम के एक किसान जॉन जैकब ने कहा, “रबर की कीमत बहुत गिर गई है। एक किलो रबर पर जहां 2010 में 210 रुपये मिलते थे, आज 100 रुपये से भी कम मिलते हैं। आप कैसे उम्मीद कर सकते हैं कि तिरु ओणम पर हम लोग खुश होंगे?”

बड़े शहरों में खाना आपूर्ति करने वाले और होटल इस त्योहार को खत्म कर रहे हैं, क्योंकि अब बहुत सारे लोग घर पर व्यंजन बनाने के बजाय साद्या का ऑर्डर दे देते हैं।

एक भवन निर्माता सुजा मोहन ने कहा, “हम लोगों ने खान-पान का प्रबंध करने वाले को आर्डर दे दिया था। उसने केले के पत्तों के साथ अच्छी तरह डिब्बों में बंद कर खाना पहुंचा दिया। खाना अच्छा था और हम सबने इसका आनंद लिया।”

केरल के अधिकांश बाजारों में केले के पत्तों की बहुत मांग है। एक-एक पत्ते की कीमत दस रुपये तक है।

कोच्चि किला में ओणम समारोह का आयोजन जनमैत्री केरल पुलिस की टीम ने किया, जिसमें बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटकों ने भाग लिया। उन लोगों ने ओणम के खेलों में भाग लिया और उसके बाद मुंह में पानी लाने वाले साद्या का आनंद उठाया।

बहुत सारे पर्यटकों को हाथ से खाने में परेशानी भी हुई।

कोच्चि के पास भगवान विष्णु के वामन रूप समर्पित इस मंदिर में सुबह 10.30 बजे साद्या शुरू हुआ। हजारों लोगों ने व्यंजनों का स्वाद लिया।

ओणम का जोश सोमवार को शिक्षण संस्थानों के खुलने तक जारी रहने का अनुमान है।

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