नई दिल्ली, 17 सितम्बर (आईएएनएस)। भारतीय टेनिस कोच जीशान अली का मानना है कि इस समय चल रहे डेविस कप विश्व ग्रुप प्लेऑफ मुकाबले में राफेल नडाल और डेविड फेरर से धुरंधर खिलाड़ियों से सजी स्पेनिश टीम की मेजबानी से देश में टेनिस को बढ़ावा मिलेगा।
डेविस कप मुकाबले के पहले दो एकल वर्ग के मैचों में शुक्रवार को भारत के रामकुमार रामनाथन और साकेत मायनेनी को कड़े संघर्ष के बाद हार झेलनी पड़ी।
दोनों मैच जीतकर स्पेन 2-0 की बढ़त ले चुका है।
विश्व रैंकिंग में 203वें रामनाथन ने फेलिसियानो लोपेज जैसे धुरंधर खिलाड़ी को घरेलू दर्शकों के सामने कड़ी चुनौती दी और एक गेम जीतने में भी सफल रहे।
मायनेनी हालांकि फेरर को कड़ी चुनौती पेश नहीं कर पाए और सीधे सेटों में 1-6, 2-6, 1-6 से हारे।
बेहद मजबूत स्पेनिश टीम के आगे भारत के जीतने की उम्मीदें कम ही हैं, लेकिन स्पेनिश टीम का भारत की धरती पर खेलना भर देश में टेनिस के प्रसार में अहम साबित होगा।
जीशान ने आईएएनएस से कहा, “मेरे खयाल से स्पेन का यहां आकर खेलना ही बड़ी बात है। मेरे खयाल से भारतीय धरती पर आई अब तक यह सबसे कड़ी टीम है। इससे पहले 1994 में हम टॉड मार्टिन वाली अमेरिकी टीम की मेजाबनी कर चुके हैं, लेकिन राफेल नडाल जैसे विश्व स्तर के किसी दिग्गज खिलाड़ी की मेजबानी हम पहली बार कर रहे हैं।”
जीशान ने आगे कहा, “विश्व ग्रुप प्लेऑफ में बीते तीन मुकाबलों की अपेक्षा यह सबसे कठिन है। दर्शकों के लिहाज से देखें तो घरेलू मैदान पर नडाल, फेरर और फेलिसियानो जैसे खिलाड़ियों को खेलते देखना शानदार है। हमारे खिलाड़ियों के लिए भी यह उतना ही बढ़िया है। रामनाथन और मायनेनी एकल वर्ग में अभी शुरुआती दौर में ही हैं।”
चोटिल चल रहे शीर्ष खिलाड़ियों को लेकर जीशान ने चिंता भी जाहिर की।
उन्होंने कहा, “यह दुखद है कि युकी भांबरी, सोमदेव देववर्मन और रोहन बोपन्ना जैसे शीर्ष खिलाड़ी नहीं खेल रहे और चोटिल चल रहे हैं, जिससे हमारी राह और कठिन हो गई है।”
जीशान हालांकि यह मानते हैं कि भारतीय टीम यदि स्पेन के खिलाफ एक या दो मैच भी जीतने में सफल रहती है तो यह अच्छी उपलब्धि मानी जाएगी।
शुक्रवार को मुकाबले से ठीक पहले नडाल ने कलाई में चोट के चलते मैच से हटने का फैसला किया और उनकी जगह फेलिसियानो लोपेज कोर्ट में उतरे। हालांकि नडाल मैच के दौरान स्टेडियम में मौजूद रहे।
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