गंगोत्री से गंगासागर तक घाटों पर चला स्वच्छता अभियान

हरिद्वार, 20 सितम्बर (आईएएनएस)। गायत्री परिवार के लाखों सेवाव्रती नर-नारियों ने गंगा के उद्गम से लेकर गंगासागर तक के घाटों का वृहद स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया।

अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रमुख, डॉ. प्रणव पण्ड्या ने हरिद्वार सहित देश भर में जलस्रोतों एवं नदियों, तालाबों की सफाई अभियान में जुटे सेवाव्रती साधकों को बधाई दी है और कहा है कि गायत्री परिवार की संस्थापिका वन्दनीया माता भगवती देवी शर्मा के अवतरण दिवस से प्रारंभ हुआ निर्मल गंगा जन अभियान का पांचवां चरण अगले कई सालों तक चलेगा।

पड्या ने कहा, “इसके अंतर्गत देश भर में जलस्रोतों के संरक्षण एवं सफाई के लिए गायत्री परिवार के लाखों कार्यकर्ता जुटे हैं। गायत्री परिवार के साथ विभिन्न सरकारी व गैर सरकारी संगठन भी इसमें हिस्सा ले रहे हैं। यह इस अभियान के लिए शुभ संकेत है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार देश भर में 15 हजार से अधिक जलस्रोत, नदियों व तालाबों आदि स्थानों पर वृहद स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है।”

अभियान के केंद्रीय समन्वयक केदार प्रसाद दुबे ने कहा कि हरिद्वार में गंगा घाटों में शांतिकुंज के अंतेवासी कार्यकर्ता भाई-बहिन, देवसंस्कृति विश्वविद्यालय परिवार, विभिन्न प्रशिक्षण शिविरों में आए साधक सहित पांच हजार से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। तटबंधों के झाड़-झंखाड़ को काटकर साफ-सुथरा किया गया। शहर के श्रीराम घाट, मालवीय, मार्कण्डेय, लवकुश, विश्वकर्मा सहित आठ घाटों में बीएचईएल, कनखल व रुड़की के गायत्री परिजनों ने स्वच्छता अभियान चलाया।

उन्होंने कहा कि तीर्थ नगरी हरिद्वार में शांतिकुंज कार्यकर्ता, देवसंस्कृति विश्वविद्यालय परिवार, ब्रह्मवर्चस शोध संस्थान, विभिन्न शिविरों में आए साधक तथा निकटवर्ती जिलों से आए सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

दुबे ने कहा कि हरिद्वार से बिजनौर, कानपुर, वाराणसी से लेकर गंगासागर तक के घाटों के लिए कुछ पूर्व से तैयार की गईं टीमों ने घाटों को स्वच्छ करने का काम किया।

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की आदिगंगा, मप्र में ताप्ती व नर्मदा, वाराणसी के अस्सी सहित कई घाटों, छत्तीसगढ़ में शिवनाथ व महानदी, महाराष्ट्र के पुणे, सहित देश भर में नदी-तालाब आदि जलस्रोतों की सफाई अभियान चलाया गया।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493