दूध में मिलावट रोकेगी ‘क्षीर परीक्षक’ प्रौद्योगिकी

नई दिल्ली, 22 सितम्बर (आईएएनएस)। केन्द्रीय विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य के लिए खतरा बनी दूध में मिलावट से निपटने के लिए क्षीर परीक्षक प्रौद्योगिकी आम आदमी को सशक्त बनाएगा।

डॉ हर्षवर्धन ने यह जानकारी सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान (सीईईआरआई) पिलानी के 64वें स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर मीडिया को सम्बोधित करते हुए दी। वे इस समारोह की मुख्य अतिथि के रूप में अध्यक्षता कर रहे थे। भारतीय सांख्यिकी संस्थान कोलकाता के पूर्व निदेशक पद्मश्री प्रो शंकर के. पाल इस कार्यक्रम के सम्मानित अतिथि थे।

डॉ हर्षवर्धन ने इस प्रयोगशाला की अनुसंधान एवं विकास उपलब्धियों की प्रशंसा की। उन्होंने दूध में मिलावट की जांच करने के लिए हाल ही में शुरू किए गए क्षीर स्कैनर प्रौद्योगिकी के हैंडहेल्ड जीपीएस युक्त संस्करण के नव विकसित क्षीर परीक्षक का विशेष रूप से उल्लेख किया। सीएसआईआर-सीईईआरआई द्वारा विकसित इस उपकरण से कोई भी व्यक्ति परीक्षण किए गए नमूने के स्थान का पता लगाने में सक्षम होगा और वह इस उपकरण पर एसएमएस के माध्यम से दूध के जांच परिणाम प्राप्त कर सकेगा।

इस अवसर पर डॉ हर्षवर्धन ने स्थापना दिवस भाषण दिया और स्टाफ के सदस्यों को सेवा पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने वर्ष 2015-16 के लिए सीएसआईआर-सीईईआरआई की वार्षिक रिपोर्ट संस्थान का लोगो तथा प्रोफाइल फोल्डर भी जारी किए। मंत्री ने सीएसआईआर-सीईईआरआई की स्थापना प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी का उद्घाटन किया जिसमें डेयरी उत्पादों, पानी की गुणवत्ता के आकलन के लिए स्मार्ट स्वचालित प्रणाली, स्वास्थ्य रक्षा उपकरणों, रक्षा, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष जैसे सामरिक क्षेत्रों के लिए विकसित प्रौ़द्योगिकियों का प्रदर्शन किया गया है।

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