इजरायल ने भारतीय सीमा सुरक्षा में सहयोग के प्रस्ताव को दोहराया

नई दिल्ली, 23 सितम्बर (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर के उड़ी में आतंकी हमले के बाद इजरायल ने शुक्रवार को भारत की सीमाओं की सुरक्षा में सहयोग के अपने प्रस्ताव को फिर दोहराया।

14 से 17 नवम्बर तक इजरायल के शहर तेल अवीव में ‘इजरायल होमलैंड सिक्योरिटी एंड साइबर 2016 इंटरनेशनल कांफ्रेंस’ होने वाली है। इससे पहले यहां एक संवाददाता सम्मेलन में इजरायल के राजदूत डेविड कारमन ने कहा, “गृह मंत्री (राजनाथ सिंह) ने इजरायल का दौरा किया था। उन्हें इजरायल में खास विशेषताओं वाली सीमाएं दिखाई गई थीं।”

उन्होंने कहा कि भारत में 14 तरह की सीमाएं हैं जिन्हें अलग-अलग बल संभालते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि गृह मंत्री ने लौटने के बाद स्थिति का आकलन किया होगा। हमें उम्मीद है कि उन्होंने जो कुछ (इजरायल में) देखा, उससे कुछ आइडिया उन्हें मिले होंगे।

उन्होंने कहा कि सीमा प्रबंधन को लेकर भारत और इजरायल को समान चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और इजरायल के पास इन चुनौतियों का समाधान है। दोनों देश मिलकर काम कर सकते हैं और इजरायली सरकार और कंपनियों की विशेषज्ञता को भारतीय जरूरतों के हिसाब से इस्तेमाल कर सकते हैं।

इजरायल सुरक्षा बल के पूर्व मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी राम डोर ने कहा कि इजरायल के पास सीमा की सुरक्षा के लिए साइबर प्रौद्योगिकी है। इजरायल को लंबे समय तक सीमाओं की सुरक्षा के लिए जूझना पड़ा, लेकिन अब उसके पास इसके लिए प्रौद्योगिकीय कौशल मौजूद है।

उन्होंने बताया कि इजरायल ने सीमाओं की सुरक्षा के लिए त्रिस्तरीय व्यवस्था की है और इसमें कई तरह के सेंसर मददगार साबित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि इजरायल यूएवी (मानवरहित विमान) के जरिए सूचना जुटाने के लिए अब एल्कट्रो-आप्टिकल सेंसर का इस्तेमाल कर रहा है। सीमा स्थित टावरों में लगे सेंसर भी डाटा और सूचना उपलब्ध करा रहे हैं।

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