हैदराबाद, 24 सितम्बर (आईएएनएस)। सेना और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने शनिवार को हैदराबाद के वर्षा प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया, क्योंकि शहर के कुछ रिहायसी इलाके चौथे दिन भी पानी में डूबे हुए हैं।
शहर के अलवल इलाके में राहत कार्य शुरू करने के लिए सेना और एनडीआरएफ के जवान हरकत में आए। यह उपनगर बुरी तरह प्रभावित इलाकों में से एक है।
अलवल, कुकटपल्ली, मियापुर, निजामपेट और बेगमपेट के रिहायसी कॉलोनियों में बाढ़ से कोई राहत नहीं मिली है, क्योंकि शुक्रवार रात अतिरिक्त वर्षा हुई है।
स्थानीय लोगों ने 40 बच्चों को उस समय बचाया, जब कुकटपल्ली के धरनीनगर इलाके में एक स्कूल बस बाढ़ के पानी में फंस गई।
चश्मदीदों के अनुसार, चालक ने चेतावनी की अनदेखी करते हुए बाढ़ के पानी से होकर बस को निकालने की कोशिश की। बस में एक निजी स्कूल के बच्चे सवार थे। शहर में सभी शिक्षण संस्थानों में दो दिनों की छुट्टी की सरकारी घोषणा के बावजूद स्कूल खुले थे।
तेलंगाना के उप मुख्यमंत्री कादियम श्रीहरि ने कहा कि स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, जो सरकारी आदेश के बावजूद खुले हुए थे।
इस बीच बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोग भोजन, पीने के पानी और अन्य आवश्यक व्सतुओं की कमी से जूझ रहे हैं। कुछ गैर सरकारी संगठन भोजन, दूध और पानी के पैकेट बांट रहे थे।
शहर की सीमा पर स्थित निजामपेट के भंडारी लेआउट में करीब 200 अपार्टमेंट बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। अधिकांश बाशिंदे फ्लैट खाली कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं।
नगर निगम प्रशासन विभाग के मंत्री के.टी.रामाराव, अन्य राज्य मंत्रियों और बृहत हैदराबाद नगर निगम के अधिकारियों ने शुक्रवार देर रात और शनिवार सुबह कुछ इलाकों का दौरा किया।
मौसम कार्यालय के अनुमान के मुताबिक, अगले दो दिनों तक अभी वर्षा होने की संभावना है। प्रशासन सतर्क है। राहत और बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की छह टीमें शहर में पहुंच गई हैं। प्रत्येक टीम में 40 कर्मी हैं।
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