भारतीय संगीत बहुस्तरीय, भावनात्मक : हार्डवेल

नई दिल्ली, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। डच डीजे हार्डवेल की यह पांचवीं भारत यात्रा है। इलेक्ट्रानिक डांस म्यूजिक (ईडीएम) के प्रशंसक झूमने के लिए तैयार हैं। डीजे का कहना है कि वह भारतीय संगीत को बहुत बहुस्तरीय व भावनात्मक पाते हैं और मौका मिलने पर वह इसे अपने काम में शामिल करना पसंद करेंगे।

हार्डवेल का नाम दुनिया के 100 प्रमुख डीजे में शामिल है। वह राजधानी में एक अक्टूबर को इलेक्ट्रानिक डांस फेस्टिवल सनबर्न के विशेष शो में प्रस्तुति देंगे।

हार्डवेल उर्फ रॉबर्ट वैन डी कोरपुट ने कहा कि गर्मजोशी, प्यार और मेहमानवाजी भारतीयों लोगों की खासियत है।

हार्डवेल (28) ने ईमेल साक्षात्कार में आईएएनएस को बताया, “भारत सिर्फ मेरे लिए ही नहीं बल्कि अन्य डीजे के लिए भी शानदार मेजबान है। भारत आपको सिखाता है कि कैसे प्यार और सम्मान के साथ अतिथियों से व्यवहार किया जाता है।”

चाहे भारतीय वाद्य यंत्रों का प्रयोग करना हो या साथ में संगीत के धुनों की रचना करना हो, हाल के दिनों में भारतीय संगीतकारों और अंतर्राष्ट्रीय कलाकारों के बीच तेजी से सहयोग देखने को मिल रहा है जैसे विशाल-शेखर ने ब्रिटिश ब्वॉय बैंड द वैम्प्स के साथ काम किया।

यह पूछे जाने पर कि कैसे कुछ सालों में ईडीएम संगीत लोकप्रिय हो गया है तो उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि इलेक्ट्रानिक संगीत का एक मुख्य मंच अवधारणा के रूप में उदय हुए लंबा अर्सा हो गया है। हमारा संगीत मीडिया कवरेज और सफलता की सारणी की मुख्यधारा में कभी नहीं शामिल हुआ, इसलिए इससे जुड़े डीजे वालों के लिए नए रॉकस्टार के तौर पर उभरना एक स्वभाविक प्रक्रिया है।”

पिछले साल हार्डवेल ने गोवा में बॉलीवुड गाने पर हजारों की भीड़ को झूमने पर मजबूर कर दिया था।

उन्होंने कहा कि भारत में तेजी से नृत्य संगीत उभर रहा है। डीजे भीड़ की पसंद को समझना जरूरी मानते है। उन्होंने कहा कि डीजे पार्टी का सिर्फ एक हिस्सा होता है, डांस फ्लोर पर मंौजूद लोग ही पार्टी की अहमियत बढ़ाते हैं।

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