विलियमनगर (मेघालय), 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। गारो नेशनल लिबरेशन आर्मी (जीएनएलए) को शुक्रवार को उस समय एक बड़ा झटका लगा, जब संगठन में दूसरा स्थान रखने वाले जेन रॉबर्ट चौधरी मराक उर्फ रूपांतो मराक ने समर्पण कर दिया।
जीएनएलए के डिप्टी कमांडर-इन-चीफ जेन रॉबर्ट चौधरी मराक उर्फ रूपांतो मराक ने ईस्ट गारो हिल जिले के पुलिस प्रमुख डेविस मराक के समक्ष समर्पण कर दिया।
मराक ने आईएएनएस से कहा, “जीनएलए नेतृत्व सोहन डी. शिरा के लिए यह एक भारी झटका है। हमें उम्मीद है कि संगठन के और भी सदस्य समर्पण करेंगे।”
समर्पण करने के साथ ही इस उग्रवादी ने 9 एमएम की एक पिस्तौल और नौ चक्र कारतूस के अलावा एक मोबाइल हैंडसेट भी पुलिस को सौंपा।
मराक ने कहा, “रूपांतो ने हमें बताया कि उसने कार्यकर्ताओं के प्रति सोहन के बढ़ते तानाशाही पूर्ण रवैये और गैरजरूरी हत्याओं के कारण जीएनएलए छोड़ने का निर्णय लिया।”
पुलिस प्रमुख ने कहा, “वे भारी दबाव में रहे हैं और उनके पास एक मात्र विकल्प समर्पण करना ही था। हमें आशा है कि अन्य सदस्य भी समर्पण करेंगे।”
जीएनएलए पश्चिमी मेघालय में एक अलग गारोलैंड के लिए लड़ाई लड़ रहा है। इसका नेतृत्व पुलिस अधिकारी से विद्रोही बने चैम्पियन आर. संगमा के हाथों में थी, जो भारत-बांग्लादेश सीमा के पास 2012 में गिरफ्तारी के बाद से ही शिलांग जेल में है।
इस संगठन ने प्रतिबंधित संगठन, युनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम-इंडिपेंडेंट के साथ गठजोड़ कर लिया है।
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